कलमना सब्जी बाजार बंद, नागपुर में तीन गुना तक बढ़े सब्जियों के दाम, विवाद से बिगड़े हालात!
Kalamna Market Strike Nagpur: कलमना सब्जी मंडी में हड़ताल के बावजूद हुआ 60% व्यापार। धनिया ₹60 किलो पार। दुकानों के आवंटन को लेकर छिड़ा विवाद, प्रशासन ने भ्रष्टाचार के आरोपों को नकारा।
- Written By: प्रिया जैस
कलमना बाजार बंद (सौजन्य-नवभारत)
Vegetable Price Hike Nagpur: नागपुर में गुरुवार को कलमना सब्जी मार्केट 80 प्रश बंद रहा लेकिन 20 प्रश आढ़तियों ने कलमना के अंदर, 20 प्रश ने परिसर के आसपास और 20 प्रश ने कॉटन मार्केट पहुंचकर अपना व्यापार किया। इसके चलते मार्केट बंद होने के बाद भी व्यापार हुआ। इस तरह 50 से 60 प्रश आढ़तियों ने जहां अपना व्यापार किया वहीं बंद को देखते हुए 40 प्रश ने माल ही नहीं मंगाया। इसका सबसे अधिक असर किसानों पर हुआ।
कृषि उपज बाजार समिति पर प्रशासनिक मनमानी का आरोप लगाते हुए जय किसान व्यापारी वेलफेयर एसोसिएशन ने 5 फरवरी से कलमना सब्जी बाजार को अनिश्चितकाल के लिए बंद किया लेकिन इसका बहुत ज्यादा असर नजर नहीं आ रहा है। मार्केट में सुबह के समय बहुत हलचल तो नहीं दिखी, पर मार्केट के आसपास सब्जी दुकानों पर भीड़ रही।
पुलिस सुरक्षा के बीच होगा काम
जानकारी के अनुसार जो व्यापारी इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं उनके लिए कृषि उत्पन्न बाजार समिति ने कलमना पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। शुक्रवार को अवकाश होने के कारण वैसे ही मार्केट बंद रहेगा। शनिवार से पुलिस सुरक्षा के बीच सब्जी बाजार में कारोबार पूर्ववत होगा। बाजार समिति ने भी एक पत्र जारी कर आढ़तियों से मंडी में व्यापार करने का आह्वान किया है।
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कलमना बाजार समिति के अनुसार यदि कोई बाधा उत्पन्न करता है तो उस पर पुलिस कार्रवाई की जाएगी। बंद के दौरान समर्थक आढ़तिया सुबह से प्रशासकीय इमारत के सामने स्थित धरना स्थल पर जमा हो गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। जो व्यापारी बंद के विरोध में थे उन्होंने भी दुकानें बंद रखीं।
दुकानों के वितरण में भ्रष्टाचार नहीं
कृषि उत्पन्न बाजार समिति ने जय किसान व्यापारी वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा बुलाए गए इस बंद को बेबुनियाद बताया गया है। बाजार समिति के सभापति अहमद शेख ने बताया कि सब्जी बाजार के युवा आढ़तिया एसोसिएशन को विश्वास में लेकर दुकानों का आवंटन किया गया है। दुकानों के वितरण में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं किया गया है।
पारदर्शी तरीके से दुकानों का आवंटन किया गया है। अगस्त 2013 में महात्मा फुले सब्जी बाजार से 174 आढ़तिया कलमना आए थे। इसके बाद आढ़तिया की संख्या बढ़ी है। आज बाजार में 400 से ज्यादा लाइसेंसधारी आढ़तिया कार्यरत हैं। हमने नए लाइसेंस देते समय बता दिया था कि नए लाइसेंसधारियों को व्यापार के लिए दुकान आवंटित नहीं की जाएंगी।
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जब समिति के पास उपलब्ध होंगी तभी उन्हें दुकानें दी जाएंगी। हमारे पास 144 दुकानें बनकर तैयार थीं जिन्हें हमने हाई कोर्ट के आदेशानुसार 4 सप्ताह के भीतर आवंटित करना था। विनोद लोखंडे ने दुकानों के आवंटन को लेकर पणन संचालक, पुणे से अपील की है। यह अपील प्राधिकरण के पास प्रलंबित है।
फुले मार्केट में ग्राहकों की लूटमार
कलमना सब्जी बाजार बंद होने के कारण मंडी के आसपास और फुले मार्केट में व्यापारियों ने सब्जियों के दाम बढ़ा दिये थे। इससे 2 दिन पहले तक 20 रुपये प्रति किलो मिलने वाली धनिया 60 रुपये प्रति किलो पहुंच गई थी। इसके अलावा अन्य सब्जियों के दाम भी व्यापारियों ने बढ़ा दिये। यदि यह आंदोलन ज्यादा दिन तक चलता है तो एक ओर किसानों का नुकसान तो होगा वहीं दूसरी ओर आम जनता को भी महंगी दर पर सब्जियां खरीदनी पड़ेंगी।
