नागपुर एयरपोर्ट बनेगा वर्ल्ड क्लास! मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी, GMR ग्रुप करेगा कायाकल्प; जानें क्या बदलेगा
Nagpur Airport Modernization News: केंद्र की मोदी सरकार ने नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के PPP मॉडल के तहत आधुनिकीकरण को मंजूरी दे दी है। अब एयरपोर्ट को विश्व-स्तरीय हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
- Written By: आकाश मसने
नागपुर एयरपोर्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Airport Modernization PM Modi Cabinet Decision: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में महाराष्ट्र के नागपुर को लेकर बड़ा फैसला लिख गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण और उन्नयन को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत आगे बढ़ाने को मंजूरी दे दी है।
नागपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का आधुनिकीकरण करने और इसे एक विश्व-स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय विमानन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत एक संयुक्त उद्यम का गठन किया गया है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के तहत निजी भागीदार को शामिल करते हुए दीर्घकालिक लाइसेंस के माध्यम से नागपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के उन्नयन और आधुनिकीकरण को मंजूरी दे दी है।
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A joint venture has been formed to modernise Nagpur International Airport through the Public-Private Partnership model and develop it as a world class International aviation hub The project includes long term operation and maintenance arrangements, extension of lease and land… pic.twitter.com/0Ln1X7YfsZ — PIB India (@PIB_India) May 13, 2026
इस प्रोजेक्ट में दीर्घकालिक संचालन (Long Term Operation) और रखरखाव की व्यवस्था, पट्टे और भूमि समझौतों का विस्तार तथा कई बुनियादी ढांचागत उन्नयन कार्य शामिल हैं। जिनमें ICAO-अनुरूप सुविधाएं, रनवे में सुधार और अन्य आधुनिकीकरण कार्य शामिल हैं।
AAI की जमीन की लीज बढ़ाने को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज एयपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की उस जमीन के लीज की अवधि बढ़ाने को मंजूरी दे दी है, जिसे MIL (मिहान इंडिया लिमिटेड) को 06 अगस्त 2039 के बाद के समय के लिए लीज पर दिया गया था। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि MIL, नागपुर हवाई अड्डे को कंसेशनर यानी जीएमआर नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (GNIAL) को कमर्शियल ऑपरेशन की तारीख से 30 साल के लिए लाइसेंस दे सके। यह नागपुर हवाई अड्डे के नागपुर में बहु-माध्यमी अंतर्राष्ट्रीय कार्गो हब और हवाई अड्डा (MIHAN) प्रोजेक्ट के तहत एक क्षेत्रीय एविएशन हब बनने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
GMR करेगा नागपुर एयरपोर्ट का कायाकल्प
2016 में MIL ने PPP मॉडल के तहत हवाई अड्डे का संचालन करने के लिए एक पार्टनर चुनने के लिए एक ग्लोबल टेंडर जारी किया। GMR Airports Ltd. (GAL) सबसे बड़ी बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में सामने आई, जिसने 5.76% राजस्व हिस्सेदारी की बोली लगाई थी। बाद में इसे संशोधित करके सकल राजस्व का 14.49% कर दिया गया। इसके बाद मार्च 2020 में MIL ने बोली प्रक्रिया रद्द कर दी।
GAL ने बॉम्बे हाई कोर्ट में इस रद्दीकरण को सफलतापूर्वक चुनौती दी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी GAL के पक्ष में फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट के 27 सितंबर 2024 के फैसले के अनुसार MIL ने 8 अक्टूबर 2024 को दूसरी JVC, यानी GMR नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (GNIAL) के साथ एक रियायत समझौता (Concession Agreement) साइन किया।
नागपुर एयरपोर्ट के लिए एक नया दौर
MIL को लीज पर दी गई AAI जमीन की लीज अवधि 06 अक्टूबर 2039 से आगे बढ़ाए जाने के साथ, अब यह GNIAL की 30 साल की रियायत अवधि के साथ-साथ चलेगी, जिससे एयरपोर्ट को दूसरी JVC-GNIAL को सौंपने का रास्ता साफ हो जाएगा। इससे नागपुर एयरपोर्ट के लिए विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर में तरक्की का एक नया दौर शुरू होगा। निजी क्षेत्र की कुशलता और सरकारी निगरानी के साथ एयरपोर्ट में निवेश, आधुनिकीकरण और बेहतर यात्री व कार्गो सेवाएं देखने को मिलेंगी।
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GNIAL नागपुर के डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक विश्व-स्तरीय सुविधा में बदलने का काम संभालेगी। इसके लिए चरणबद्ध विकास की योजना है, जिसका लक्ष्य सालाना 30 मिलियन यात्रियों को संभालने की अधिकतम क्षमता तक पहुंचना है, जिससे यह मध्य भारत का एक प्रमुख एयरपोर्ट बन जाएगा। यह बदलाव न केवल विदर्भ क्षेत्र के भीतर कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा, बल्कि इसके आर्थिक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मज़बूत करेगा। कार्गो संभालने की क्षमताओं में भी काफ़ी बढ़ोतरी होगी।
