NIT से धोखाधड़ी! फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पने की कोशिश, कबाड़ व्यापारी बंटी शाहू अरेस्ट
Nagpur News: नागपुर के कुख्यात भंगार व्यापारी बंटी शाहू और उसके भाई जयेश पर फर्जी दस्तावेजों से 15,000 वर्ग फुट जमीन हड़पने की कोशिश का आरोप, क्राइम ब्रांच ने बंटी को गिरफ्तार किया।
- Written By: आकाश मसने
नागपुर सुधार प्रन्यास (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Land Fraud Case: नागपुर का कुख्यात भंगार व्यापारी संतोष उर्फ बंटी रामपाल शाहू और उसके भाई जयेश रामपाल शाहू के खिलाफ अपराध शाखा ने धोखाधड़ी का एक और मामला दर्ज किया। शाहू समाज हेल्थ एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष और सचिव न होते हुए भी दोनों ने नागपुर सुधार प्रन्यास (NIT) को फर्जी दस्तावेज देकर करीब 15,000 वर्ग फुट के भूखंड को हड़पने की कोशिश की थी।
इस संबंध में नागपुर सुधार प्रन्यास के परिमंडल-2 के संपत्ति सचिव प्रवीण डेकाटे की शिकायत पर अपराध शाखा की टीम नं. 5 ने रविवार को शाहू बंधुओं के खिलाफ मामला दर्ज किया। प्राथमिक जांच के बाद बंटी को अरेस्ट कर लिया गया।
खुद को बताया अध्यक्ष व सचिव
- बंटी और जयेश शाहू ने खुद को शाहू समाज हेल्थ एजुकेशन सोसाइटी का अध्यक्ष और सचिव बताकर सुधार प्रन्यास को फर्जी दस्तावेज सौंपे। समाज मंदिर निर्माण का हवाला देते हुए दोनों ने नकली लेटरहेड पर एनआईटी से जमीन मांगी।
- मौजा चिखली (देवस्थान) के खसरा क्रमांक 6, 14/3, 103/2 और 103/4 में स्थित 1463।04 वर्ग मीटर (लगभग 15 हजार वर्ग फुट) भूमि को लीज पर देने की मांग की गई थी।
- इसके लिए दोनों ने नकली लेटरहेड पर कार्यकारिणी समिति के फर्जी ठराव (प्रस्ताव) की प्रति भी एनआईटी को दी। पहले दोनों ने दावा किया कि यह समाज भवन सांसद या विधायक निधि से बनेगा।
- बाद में उन्होंने सूचित किया कि निधि उपलब्ध नहीं है। इसलिए वे स्वयं के खर्च से मंदिर का निर्माण करेंगे। इसके लिए उन्होंने एक पंजीकृत समझौता भी किया जिसमें अध्यक्ष के रूप में बंटी और सचिव के रूप में जयेश ने हस्ताक्षर किए।
कार्यकारिणी की जांच में सामने आया सच
सुधार प्रन्यास ने धर्मादाय आयुक्त कार्यालय से शाहू समाज हेल्थ एजुकेशन सोसाइटी की कार्यकारिणी की जांच की। पता चला कि न तो बंटी अध्यक्ष है और न ही जयेश सचिव। दोनों द्वारा दिए गए लेटरहेड और अन्य दस्तावेज फर्जी पाए गए। इस पर डेकाटे ने संबंधित थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई।
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शाहू बंधुओं के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए पुलिस ने यह मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा। क्राइम ब्रांच की टीम नंबर 5 ने दोनों भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
कई मामलों में लिप्त हैं दोनों
भंगार व्यापारी बंटी और उसका भाई जयेश पहले भी कई गंभीर अपराधों में लिप्त रहे हैं। रेलवे के लोहे की चोरी से लेकर हाल ही में उजागर हुए करोड़ों के हवाला कारोबार और फर्जी बिलिंग घोटाले तक इनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।
फॉरेंसिक ऑडिट में यह भी सामने आया कि इन दोनों भाइयों ने 87 फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल कर ठगी की साजिश रची थी। फर्जी बिलिंग रैकेट के मास्टरमाइंड बंटी सहित शाहू परिवार के सदस्यों के 8 बैंक खाते पुलिस ने फ्रीज कर दिए थे।
