शासकीय आयुर्वेद कॉलेज में 'रैगिंग' पर पुलिस का पहरा, अब हॉस्टल परिसर में दिन-रात गश्त करेगी पुलिस

Nagpur Ayurveda College Ragging: नागपुर शासकीय आयुर्वेद कॉलेज में रैगिंग पर लगाम लगाने के लिए पुलिस गश्त शुरू। छात्राओं के बाद छात्रों के हॉस्टल में भी रैगिंग की शिकायत। 19 छात्राओं पर कार्रवाई।
Nagpur Ayurveda College ragging
आयुर्वेदिक कॉलेज हॉस्टल (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Government Ayurveda College Nagpur: नागपुर में शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय व अस्पताल में प्रथम वर्ष की छात्राओं के हॉस्टल में रैगिंग की घटना अभी ताजा ही थी कि छात्रों के हॉस्टल में भी रैगिंग की शिकायतें मिली हैं लेकिन विद्यार्थियों ने जांच समिति के समक्ष इस तरह की घटना से इनकार किया। जूनियर छात्रों से ‘मेंढक कूद’ कराने वाला वीडियो हाथ नहीं लग पाया।

इस बीच उपाय योजना के तौर पर परिसर में पुलिस गश्त नियमित करने का प्रशासन ने निर्णय लिया है। महाविद्यालय प्रशासन के आग्रह पर पुलिस ने हॉस्टल परिसर में नियमित गश्त के लिए सहमति दी है। प्रशासन को उम्मीद है कि पुलिस गश्त बढ़ने से अनुचित घटना पर अंकुश लग सकेगा। हाल ही में लड़कियों के हॉस्टल में रैगिंग का मामला सामने आने के बाद दोषी पाई गईं १९ छात्राओं को हॉस्टल से तीन महीने के लिए निकाल दिया गया।

हॉस्टल में भी रैगिंग की शिकायत

इसके बाद लड़कों के हॉस्टल में भी रैगिंग की शिकायत सीधे यूजीसी से की गई। शिकायत में सीनियर द्वारा परेशान किए जाने की बात कही गई। शिकायत के बाद यूजीसी ने आयुर्वेद महाविद्यालय प्रशासन को जल्द जांच करने के आदेश दिए।

महाविद्यालय ने रैगिंग प्रतिबंधक समिति ने जांच की, लेकिन छात्रों ने रैगिंग से इनकार किया। इसके बाद महाविद्यालय ने रैगिंग नहीं होने की रिपोर्ट यूजीसी को भेज दी। हालांकि रैगिंग के वीडियो में साफ तौर पर परेशान किए जाने के दृश्य हैं।

की गई विद्यार्थियों की काउंसलिंग

शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के लड़के व लड़कियों के हॉस्टल की पुलिस के अपराध शाखा की ओर से निरीक्षण किया गया। पुलिस उपनिरीक्षक हरडे ने विद्यार्थियों को रैगिंग नहीं करने और इसके दुष्परिणामों के बारे में भी बताया। साथ ही विद्यार्थियों को शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर अधिष्ठाता डॉ. राजेंद्र सोनेकर भी उपस्थित थे।

अधिष्ठाता का कहना है कि विद्यार्थियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए पुलिस गश्त का निर्णय लिया गया है। पुलिस ने भी सकारात्मकता दिखाई है। रैगिंग की कोई भी घटना न हो, इसे लेकर सतर्कता बरती जा रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी मेडिकल और डेंटल कॉलेज में रैगिंग की घटनाएं सामने आई थीं। छात्रों द्वारा शिकायत तो की जाती है, लेकिन जब समिति गठित होती है तो छात्र खुलकर बोलने से कतराते हैं।

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