आपातकालीन सेवाओं को मिलेगी मजबूती: नागपुर मनपा में 6 महीने की इंटर्नशिप पर रखे जाएंगे 100 प्रशिक्षु अग्निशामक
Fire Rescuers Internship: नागपुर फायर ब्रिगेड में कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए 100 प्रशिक्षु फायर रेस्क्यूअर्स की 6 माह की इंटर्नशिप भर्ती को मंजूरी मिली।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर फायर ब्रिगेड, (सोर्स सोशल मीडिया)
Nagpur Fire Brigade Recruitment: नागपुर महानगर पालिका के अग्निशमन आपातकालीन विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी के चलते शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस संकट से निपटने और आपातकालीन सेवाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए विभाग ने 100 ट्रेनी (प्रशिक्षु) फायर रेस्क्यूअर्स (अग्निशामक विमोचक) को 6 महीने की इंटर्नशिप के आधार पर भर्ती करने का प्रस्ताव स्थायी समिति के समक्ष रखा। इस पर चर्चा के बाद इसे हरी झंडी प्रदान की गई।
प्रशिक्षु अग्निशमन विमोचकों की सुरक्षा के लिए ग्रुप इंश्योरेंस का प्रस्ताव तैयार करने की हिदायत समिति सभापति दानी ने विभाग को दी। हाल ही में हुई बैठक में अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड) के प्रशिक्षणार्थियों और नई भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई अहम फैसले लिए गए हैं। जोखिम भरे कामों में लगे ‘अग्निशमन प्रशिक्षण विमोचक’ (इंटर्न) की सुरक्षा और स्थानीय युवाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है।
प्रशिक्षणार्थियों के लिए ‘ग्रुप इंश्योरेंस’ का प्रस्ताव अग्निशमन
विभाग में काम करने वाले प्रशिक्षणार्थियों (इंटर्न) का कार्य अत्यंत जोखिम भरा होता है लेकिन किसी दुर्घटना की स्थिति में उन्हें कोई बीमा सुरक्षा प्राप्त नहीं थी। बैठक में इस बात पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई कि इस तरह के जोखिम भरे काम में किसी भी अप्रिय घटना या दुर्घटना के मामले में इन युवाओं की जिम्मेदारी कौन लेगा।
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मानवता के आधार पर और इस उच्च जोखिम वाले कार्य की संवेदनशीलता को देखते हुए अब इन प्रशिक्षणार्थियों के लिए एक ‘ग्रुप इंश्योरेंस’ (सामूहिक बीमा) योजना का प्रस्ताव तैयार करने का निर्णय लिया गया है ताकि उनके सुरक्षित भविष्य की गारंटी दी जा सके।
शिक्षण संस्थानों की मान्यता में भारी पक्षपात
समिति सभापति का मानना था कि स्थायी नियुक्तियों को लेकर भर्ती प्रक्रिया के लिए तय किए गए शिक्षा योग्यता के नए नियमों में भारी विसंगतियों का खुलासा हुआ। नए नियमों के तहत मान्यता प्राप्त जिन निजी संस्थानों (प्राइवेट इंस्टीट्यूट) को पात्र माना गया था, वे सभी पश्चिम महाराष्ट्र के थे।
स्थानीय संस्थानों और स्थानीय निजी फायर ट्रेनिंग संस्थानों को इस सूची से पूरी तरह बाहर रखा गया था। इसका सीधा अर्थ यह था कि जिन स्थानीय छात्रों ने अपने क्षेत्र के निजी संस्थानों से फायर फाइटिंग का कोर्स किया है, उन्हें इस भर्ती के लिए अयोग्य माना जाता।
मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक
इस पक्षपातपूर्ण नियम के कारण स्थानीय छात्रों के भविष्य पर संकट आ गया था, विमोचक के रूप में अपनी इंटर्नशिप पूरी की थी। स्थानीय युवाओं को उनके हक की नौकरी से वंचित होने से बचाने के लिए सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से गुहार लगाई।
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इसके बाद फिलहाल इन नए नियमों पर रोक लग गई है। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि स्थानीय छात्रों को भर्ती प्रक्रिया में उनका उचित स्थान और प्राथमिकता मिले।
