जांच की प्रगति और कड़े साक्ष्यों पर चर्चा: नागपुर में सोशल मीडिया क्राइम पर बाल अधिकार आयोग की पैनी नजर
Nagpur POCSO Case: नागपुर में फर्जी Instagram ID से जुड़े अपहरण, लैंगिक अपराध और POCSO मामले की जांच को लेकर अधिकारियों ने बैठक की। जांच की स्थिति और आगे की कार्रवाई पर चर्चा हुई।
- Written By: अंकिता पटेल
POCSO मामले की जांच को लेकर अधिकारियों ने बैठक (सोर्स- AI जनरेटेड)
Nagpur Instagram Fake ID Case: नागपुर जिले में इंस्टाग्राम पर नकली आईडी बनाकर पहले अपहरण, लैंगिक अत्याचार और पॉक्सो कानून के तहत दर्ज गंभीर अपराध की जांच का गहन जायजा लेने के लिए जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों तथा राज्य बाल अधिकार आयोग के सदस्यों ने पुलिस उपायुक्त रश्मिता राव के साथ समन्वय बैठक की। इस दौरान मामले से संबंधित जांच की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध साक्ष्य और आगे की कार्रवाई के संबंध में बैठक में विस्तार से चर्चा की गई।
जांच में कोई कोताही न बरती जाए
पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने के साथ ही जांच को अधिक तेजी से और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरा करने पर बैठक में जोर दिया गया। इस दौरान जांच की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध साक्ष्य, न्यायवैद्यकीय रिपोर्ट, पीड़िता को दिए जा रहे परामर्श, कानूनी सहायता तथा न्यायालयीन प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक पहलुओं की समीक्षा की गई।
मामले में लंबित मुद्दों और आगे की कार्रवाई के संबंध में संबंधित अधिकारियों ने अपने विचार रखे। अपराध की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य, जांच की प्रगति और आगे की योजना पर भी चर्चा की गई। इसके बाद पुलिस उपायुक्त रश्मिता राव ने जांच को अधिक प्रभावी तरीके से और समय पर पूरा करने के दृष्टिकोण से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
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जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुश्ताक पठान ने बैठक में हुई चर्चा के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेखे और राज्य बाल अधिकार आयोग की सदस्य गीतांजलि बूटी उपस्थित रहीं। अधिकारियों ने बताया कि इस बैठक से जांच में अधिक तेजी आने के साथ ही पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच समन्वय अधिक प्रभावी होने में मदद मिलेगी।
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आरोपी को जेल भेजा
इस मामले के आरोपी आकाश उर्फ निर्भय पाखरे (20) का मेडिकल अस्पताल में उपचार चल रहा था। उपचार के बाद शनिवार को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद हुडकेश्वर पुलिस ने उसका बयान दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। हालांकि, न्यायालय के आदेश के अनुसार आगे की जांच के लिए उसे दोबारा पुलिस हिरासत (पीसीआर) में लिया जाएगा।
