

Nagpur Child Marriage Stopped Helpline 1098: नागपुर शहर प्रशासन ने बाल विवाह जैसी गंभीर सामाजिक समस्या के खिलाफ एक बार फिर त्वरित कार्रवाई करते हुए 15 वर्षीय किशोरी का विवाह रोकने में सफलता हासिल की है। विवाह होने से पहले ही बाल संरक्षण की टीम ने छापा मारा और विवाह रोक दिया।
यह महत्वपूर्ण कार्रवाई चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर प्राप्त शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार संबंधित किशोरी गोंदिया जिले की निवासी है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुश्ताक पठान को सूचना मिली थी कि नागपुर जिले के वडधामना के 24 वर्षीय युवक से उसका विवाह तय किया जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, चाइल्ड हेल्पलाइन, नागपुर जिला बाल संरक्षण विभाग और संबंधित सामाजिक संगठनों ने तुरंत कार्रवाई की और बच्ची के घर का दौरा किया। कार्रवाई के दौरान संबंधित परिवार के सदस्यों से विस्तार से पूछताछ की गई। उन्हें बाल विवाह के कानूनी परिणामों के बारे में बताया गया और सूचित किया गया कि बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है।
स्थगित करने पर परिवार सहमत परामर्श और निवारक उपायों के परिणामस्वरूप संबंधित परिवार विवाह स्थगित करने के लिए सहमत हो गया। इसके कारण प्रशासन नाबालिग के बचपन, शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने में सक्षम रहा। किशोरी की सुरक्षा के साथ-साथ उसकी आगे की शिक्षा और पुनर्वास के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने कहा है कि बाल विवाह की रोकथाम में नागरिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसी कोई भी सूचना प्राप्त होने पर तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या संबंधित प्रशासन से संपर्क करने की अपील की गई है। यह कार्रवाई जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेसरे के मार्गदर्शन में की गई। वाइल्ड हेल्पलाइन के प्रतिनिधि अनिकेत भिवगड़े, मीनाक्षी धडाडे, प्रियंका होटे समेत अन्य ने कार्रवाई को अंजाम दिया।