

Nagpur C&D Waste Management: नागपुर महानगर पालिका द्वारा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) कचरे के उचित प्रबंधन के उद्देश्य से भले ही ठोस निर्णय लिये जाने का दावा होता रहा हो लेकिन मनपा का डंडा कागजों तक ही सीमित रहा है।
इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक परिपत्र जारी करते हुए मनपा के सभी विकास कार्यों में कम से कम 10% रिसाइकल सामग्री का उपयोग करने की अनिवार्यता ठेकेदारों पर लादी तो गई थी किन्तु इसका पालन नहीं हो रहा है।
बताया जाता है कि ठेकेदारों को निर्माण कार्यों में 10% रिसाइकल सामग्री का उपयोग करना अनिवार्य किया गया था। इस फैसले से सिटी में 'पर्यावरण कचरा प्रबंधन नियम, 2025' का पालन अधिक प्रभावी ढंग से होने की जानकारी सूत्रों ने दी।
महानगर पालिका ने मे। हैदराबाद सी एंड डी वेस्ट प्रा. लिमिटेड की साझेदारी में भांडेवाड़ी में 150 टन प्रतिदिन क्षमता का एक निर्माण और विध्वंस कचरा प्रक्रिया केंद्र कुछ समय पूर्व शुरू किया है।
इस योजना में रिसाइकल सामग्री के रूप में कई उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिनकी वीएनआईटी में सफल जांच की गई है। इसमें बारीक रेत, मोटी रेत, 10 मिमी, 20 मिमी और 40 मिमी आकार की गिट्टी, चिकनी मिट्टी आदि शामिल हैं। ठेकेदारों को भांडेवाडी प्लांट से आपूर्ति होगी।
आयुक्त द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार मनपा द्वारा जारी की गई सभी नई निविदाओं में रिसाइकल सामग्री का न्यूनतम 10 प्रतिशत उपयोग बंधनकारक होगा। यह सामग्री मुख्य रूप से निर्धारित कार्यों के लिए आवश्यक होगी।
ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कार्यों के तहत बेडिंग कार्य, ग्रेन्युलर सब-बेस, पुनर्भरण, कुशनिंग आदि में उपयोग करना होगा। यह शर्त विशेष रूप से गार्डन पाथ-वे, फुटपाथ, और सीवर ड्रेनेज लाइन में पाइपलाइन की खुदाई की बहाली पर तत्काल लागू होगी।
ऑपरेटर की जिम्मेदारी उत्पादित सामग्री सभी तकनीकी मानकों को पूरा करने संबंधी ऑपरेटर मे. हैदराबाद सी एंड डी वेस्ट प्रा. लिमिटेड को जिम्मेदारी सुनिश्चित करनी होगी। ऑपरेटर को हर महीने वीएनआईटी में सामग्री का निरीक्षण करवाना होगा और इसकी रिपोर्ट महानगर पालिका को सौंपनी होगी।
साथ ही रिसाइकल सामग्री की दरों की एक तालिका भी मनपा को नियमित रूप से प्रस्तुत करनी होगी। नागपुर मनपा के इस निर्णय से न केवल निर्माण और विध्वंस कचरे की समस्या का समाधान होगा बल्कि विकास कार्यों में रिसाइकल सामग्री के उपयोग से प्राकृतिक संसाधनों की बचत भी होगी।
मनपा ने निविदा दस्तावेजों में ठेकेदारों के लिए इन नियमों को शामिल करना अनिवार्य कर दिया था। नियमों के अनुसार ठेकेदार को भांडेवाड़ी स्थित सी एंड डी वेस्ट प्लांट से प्रक्रिया की गई कम से कम 10 प्रतिशत पुनर्चक्रित सामग्री खरीदना अनिवार्य होगा।
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यदि ऑपरेटर द्वारा सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो ठेकेदार को तुरंत इंजीनियर-इन-चार्ज को लिखित में इसकी जानकारी देनी होगी। ठेकेदार को अंतिम बिल का भुगतान तभी किया जाएगा जब वह प्लांट से खरीद का प्रमाण (इनवॉइस) प्रस्तुत करेगा और इंजीनियर-इन-चार्ज 10 प्रतिशत रिसाइकल एग्रीगेट के उपयोग का प्रमाण पत्र देंगे। सामग्री उपलब्ध न होने की स्थिति में इंजीनियर-इन-चार्ज को उस अनुपलब्धता को प्रमाणित करना होगा।