नागपुर डेटिंग ऐप ठगी( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nagpur Lounge Bill Scam: नागपुर डेटिंग एप्लीकेशन के जरिए होने वाली ठगी के मामले में और भी सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। पुलिस का मानना है कि रोजाना नये-नये बकरों को फंसाकर लाउंज में लाया जाता था। पुलिस प्रकरण की बारीकी से जांच कर रही है।
महज 10 दिन के भीतर ही ऐसी 6 घटनाएं होने की जानकारी सामने आ रही है। पुलिस सबूत इकट्ठा करने में जुटी है। यह घटना तब सामने आई जब हर्षद हटवार नामक युवक ने इसकी शिकायत सदर पुलिस से की।
हर्षद ने बताया कि कैसे तनू नाम की लड़की ने ‘हैपन’ नामक डेटिंग एप के जरिए उसके साथ चैटिंग की। बातचीत करने के बहाने उसे एलआईसी चौक के समीप स्थित सुआ क्लब रेस्ट्रो में ले गई, वहां उसने कुछ खानपान का ऑर्डर दिया और बिल निकला सीधे 34,213 रुपये का।
महंगे से महंगे होटल के रेस्टोरेंट में भी 2 लोगों का खाने-पीने का बिल इतना नहीं होता। जांच में पता चला कि आरोपी एक तयशुदा तरीके से इस ठगी को अंजाम दे रहे थे।
एक महिला के जरिए डेटिंग एप पर युवकों से संपर्क किया जाता था। एप्लीकेशन में अलग-अलग नंबरों के जरिए युवती का प्रोफाइल बनाया जाता था जिसमें फोटो भी किसी और युवती की होती थी।
पुलिस ने इस प्रकरण में सुआ क्लब के संचालक आकाश गजभिए, बाउंसर उज्वल कुमार राज, मैनेजर सुप्रिया गजभिए और तनू नामक युवती के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उज्वल की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी थी लेकिन जैसे ही कार्रवाई की बात आई तो क्लब के संचालक आकाश की तबीयत बिगड़ गई।
रविवार को अस्पताल से छुट्टी होते ही पुलिस ने फिर आकाश को हिरासत में लिया। सोमवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया। आकाश ने अपने वकीलों के माध्यम से पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए, न्यायालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए सीसीटीवी फुटेज मंगाई, पुलिस ने उसकी मेडिकल जांच करवाने की मांग की क्योंकि अस्पताल में एडमिट रहते हुए डॉक्टर से मारपीट या जख्मों की कोई शिकायत नहीं की थी। पुलिस ने उसकी कस्टडी की मांग की लेकिन न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत मंजूर की है।
इस तरह की घटनाएं पहले हैदराबाद, मुंबई, पुणे, दिल्ली और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में हो चुकी है। इस तरह की कई गैंग अब भी जेल की हवा खा रही है। पूर्व में कुछ मामलों में ब्लैकमेलिंग होने की जानकारी भी सामने आई है।
डेटिंग एप्लीकेशन के जरिए लोगों से संपर्क बनाकर उन्हें निर्जन स्थान पर ले जाया जाता है। बाद में छेड़खानी का आरोप लगाकर भी पैसों की वसूली की जाती है। इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि नागपुर में ऐसे और भी गिरोह सक्रिय है।
जानकारी मिली है कि इस गिरोह में भी 5 से 7 लोगों का समावेश है। 2 युवतिया अलग-अलग प्रोफाइल के जरिए युवकों से संपर्क करती हैं। उन्हें क्लब में लाकर हजारों रुपयों का बिल वसूला जाता है।
यह घटना सामने आने के बाद पुलिस ने अपने रिकॉर्ड की जांच-पड़ताल की जिससे पता चला कि इस तरह की घटना पहले भी हो चुकी है लेकिन बदनामी के डर से किसी ने थाने में शिकायत दर्ज नहीं करवाई, पिछले 10 दिनों में सुआ क्लब के संबंध में शिकायत करने के लिए 6 बार कंट्रोल रूम को कॉल किया गया लेकिन आरोपी इस तरह दवाव बनाते थे कि कोई शिकायत नहीं करता था।
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पुलिस ने सभी पीड़ितों को नाम गोपनीय रखने का विश्वास दिलाया है और चिना डरे शिकायत करने की अपील की है। आरोपियों का सीडीआर खंगाला जा रहा है जिससे यह पता चल पाए कि आखिर ऐसी कितनी युवतियां इस ठगी के गिरोह में शामिल थीं। पुलिस सीसीटीवी के डीवीआर की भी जांच करने वाली है जिससे शुआ क्लब में हुई अन्य घटनाओं का पता लगाया जा सके।