नागपुर में क्राइम ब्रांच का छापा, 150 बोरी सड़ी सुपारी जब्त, हर महीने 100 करोड़ से ज्यादा का व्यापार

Nagpur Police Crime Branch: क्राइम ब्रांच ने नागपुर के पारडी क्षेत्र में छापा मारकर 30 लाख रुपये की 150 बोरी सड़ी सुपारी जब्त की। सुपारी माफिया अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
Nagpur Police Crime Branch: क्राइम ब्रांच ने नागपुर के पारडी क्षेत्र में छापा मारकर 30 लाख रुपये की 150 बोरी सड़ी सुपारी जब्त की। सुपारी माफिया अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
सड़ी सुपारी जब्त (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Illegal Supari Trade: पुलिस विभाग लगातार सड़ी सुपारी की जमाखोरी और बेचने वालों पर कार्रवाई कर रहा है। मंगलवार को भी क्राइम ब्रांच की टीम ने पारडी थाना क्षेत्र में एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के बाहर खड़े ट्रक से 150 बोरी सड़ी सुपारी जब्त की है। इस कार्रवाई से ट्रांसपोर्टरों में हड़कंप मच गया है लेकिन आश्चर्य की बात ये है कि केवल सड़ी सुपारी का परिवहन करने वालों पर ही नकेल कसी जा रही है।

असल में सुपारी माफिया पुलिस की कार्रवाई से बचे हुए हैं। मंगलवार को पुलिस को जानकारी मिली कि पारडी थानांतर्गत जबलपुर रोड पर सीएम कोल्ड स्टोरेज में भारी मात्रा में सुपारी पहुंचाई जा रही है। खबर के आधार पर पुलिस दस्ते ने वहां छापा मारा। कोल्ड स्टोरेज के सामने खड़े ट्रक की जांच की गई। ट्रक में 150 बोरी सुपारी बरामद हुई।

हर महीने 100 करोड़ से ज्यादा का व्यापार

सुपारी की कीमत 30 लाख रुपये बताई जा रही है। शहर में हर महीने सुपारी व्यापारी 100 करोड़ से ज्यादा का व्यापार करते हैं। इस व्यापार में कमाई को देखते हुए कुछ छुटभैये नेता भी सक्रिय हो गए। मुन्नवर, आसिफ, मोहित, अशोक, ऋषभ, धीरू, कुमार, दीपक और आमेसर सहित कई व्यापारियों का माल उनके गोदामों में जमा है लेकिन केवल ट्रांसपोर्टर ही पकड़े जा रहे हैं।

कैप्टन ने बनाई पैठ

पिछले कुछ समय में कैप्टन नामक सरगना ने इस धंधे में अपनी अच्छी पैठ बनाई है। अनेक व्यापारी ऐसे हैं जिन्होंने सिटी पुलिस से बचने के लिए बाहरी क्षेत्र में गोदाम बना रखे हैं। टिंकू सभी की आंख में धूल झोककर काम कर रहा है। असल में शहर के ऐसे कई सुपारी व्यापारी हैं जिनके रिश्तेदार अलग-अलग जिलों और राज्यों में गुटखा और पान मसाला की फैक्ट्री चला रहे हैं।

सड़ी सुपारी उनकी फैक्ट्रियों में भी सप्लाई की जाती है लेकिन अधिकांश धंधे शहर से ही संचालित होते हैं। अब धंधे में प्रतिस्पर्धा इतनी बढ़ गई है कि व्यापारी और ट्रांसपोर्टर एक दूसरे की टिप देकर माल पकड़वा रहे हैं। व्यापारियों के अलग-अलग गुट बनते जा रहे हैं और इससे शहर में गैंगवार होने का भी खतरा है।

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