सिर्फ 4 दिन में कहां गायब हुई गैस? वर्धा रोड से कामठी तक ‘गैस’ के लिए हाहाकार! पंप संचालक रोज बढ़ा रहे दाम
Nagpur CNG Shortage: नागपुर में गैस का 'नकली टोटा'! अमेरिका-ईरान युद्ध का बहाना बनाकर सीएनजी और एलपीजी की कालाबाजारी। ऑटो चालकों का आरोप- हर दिन बढ़ाए जा रहे 5 रुपये। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
- Written By: प्रिया जैस
पंप पर ऑटो चालक की भीड़ (AI Generated Image)
LPG Black Marketing Nagpur: नागपुर शहर में इन दिनों सीएनजी और एलपीजी की कथित किल्लत ने वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। शहर के कई सीएनजी पंपों और गैस वितरण केंद्रों पर गैस की कमी बताकर लोगों को कतार में खड़ा रहने पर मजबूर किया जा रहा है।
हालांकि ऑटो और कार चालक उपभोक्ताओं का आरोप है कि ईरान का अमेरिका और इजराइल के साथ जारी युद्ध को बहाना बनाकर सीएनजी और एलपीजी का ‘नकली टोटा’ पैदा कर कालाबाजारी का खेल खेला जा रहा है।
सिर्फ 4 दिन में स्टाक की कमी कैसे…
ऑटो चालकों का आरोप है कि पिछले 4 दिनों से शहर में गैस की कृत्रिम कमी बताई जा रही है, जबकि सामान्य स्थिति में कभी भी 4 दिन तक लगातार स्टॉक कैसे कम हो सकता है। वर्धा रोड, नरेन्द्रनगर, हिंगना रोड, जरीपटका, मानकापुर और कामठी रोड सहित कई क्षेत्रों के एलपीजी और सीएनजी पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं।
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ऑटो चालकों का कहना है कि गैस भरवाने के लिए सुबह जल्दी पंप पर पहुंचना पड़ता है। इसके बावजूद कई बार घंटों इंतजार के बाद भी गैस नहीं मिलती। इससे उनका कामकाज प्रभावित हो रहा है और रोज की कमाई भी घट रही है। ऑटो चालक संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि गैस खत्म होने का बहाना बनाकर आम वाहन चालकों को परेशान किया जा रहा है।
उनका आरोप है कि कुछ जगहों पर चुनिंदा लोगों को अतिरिक्त पैसे लेकर चोरी-छिपे गैस उपलब्ध कराई जा रही है। कुछ ऑटो चालकों ने बताया कि वर्धा रोड पर स्थित गैस स्टेशन पर पिछले 4 दिनों से हर दिन 5-5 रुपये बढ़ा दिए जा रहे हैं। रेट बढ़ोतरी का यह खेल आदमी देखकर खेला जा रहा है।
युद्ध के मौक पर कालाबाजारी की कोशिश
कुछ पंप संचालक और आपूर्ति से जुड़े लोग गैस की कमी के लिए अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को जिम्मेदार बता रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव या संभावित युद्ध का हवाला देकर आपूर्ति प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
हालांकि वाहन चालकों और उपभोक्ताओं का कहना है कि यह केवल बहाना बनाया जा रहा है। उनका तर्क है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्थिति का असर है तो उसकी स्पष्ट जानकारी और आधिकारिक घोषणा होनी चाहिए लेकिन फिलहाल ऐसा कुछ सामने नहीं आया है।
एलपीजी उपभोक्ता भी परेशान
सीएनजी के साथ-साथ एलपीजी गैस को लेकर भी शहर में शिकायतें सामने आ रही हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी में देरी हो रही है और कुछ जगहों पर अतिरिक्त पैसे लेकर जल्दी सिलेंडर देने की बात कही जा रही है। एक ऑटो रिक्शा चालक ने बताया कि एक ओर एलपीजी कंपनियों का मैसेज आ रहा है कि गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है।
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दूसरी ओर शहर में हर सिलेंडर पर 60 रुपये अधिक वसूले जा रहे हैं। वहीं दूसरे सिलेंडर की बुकिंग के लिए 25 दिनों की समय सीमा तय होने पर दलाल भी सक्रिय हो गये हैं जो ज्यादा पैसे लेकर ब्लैक में सिलेंडर जल्दी उपलब्ध कराने का दावा करते हैं।
प्रशासन को रखनी होगी नजर
ऑटो यूनियनों, वाहन चालकों और उपभोक्ता संगठनों ने प्रशासन से पूरे मामले कड़ी नजर रखने की मांग की है। एलपीजी और सीएनजी, दोनों ही आम आदमी की दैनिक जरूरत का हिस्सा हैं। यदि वास्तव में गैस की आपूर्ति में समस्या है तो उसकी स्पष्ट जानकारी दी जाए लेकिन यदि कृत्रिम कमी पैदा कर कालाबाजारी की जा रही है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
शहर में सीएनजी वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और एलपीजी भी लाखों घरों की जरूरत बन चुकी है। ऐसे में इन दोनों ईंधनों की नियमित और पारदर्शी आपूर्ति सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। फिलहाल नागपुर में सीएनजी और एलपीजी की इस कथित नकली किल्लत ने वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानी में डाल दिया है।
