मेट्रो से सिटी बस तक, नागपुर के शहरी परिवहन का रोडमैप तैयार, सरकार को भेजा प्रस्ताव
Nagpur City News: नागपुर की CMP 2025 योजना तैयार की गई है। यह योजना 25,567 करोड़ की है। इस उद्देश्य कनेक्टिविटी बढ़ाना, भीड़ कम करना और हरित गतिशीलता बढ़ावा देना है।
- Written By: आकाश मसने
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Nagpur CMP Mobility Plan News: नागपुर की मोबिलिटी को गति देने वाली बहुप्रतीक्षित व्यापक गतिशीलता योजना (सीएमपी) 2025 महामेट्रो द्वारा तैयार की गई है। इस नीति में शहर के यातायात पर गहन मंथन किया गया है और मेट्रो ने राइटस के सहयोग से इसे तैयार किया है। रिपोर्ट को मंजूरी के लिए इस सप्ताह राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा।
इस योजना की अनुमानित 25,567 करोड़ रुपए है। अगले दो दशकों के लिए नागपुर महानगरीय क्षेत्र (एनएमआर) की एकीकृत और टिकाऊ शहरी परिवहन प्रणाली का रोडमैप है।
सीएमपी के मुख्य उद्देश्य और चरण
सीएमपी मेट्रो, सिटी बसें, इलेक्ट्रिक गतिशीलता, प्रमुख सड़कें, और गैर-मोटर चालित कॉरिडोर सहित परिवहन के सभी प्रमुख साधनों को एक एकीकृत ढांचे के तहत लाना चाहती है।
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इसका लक्ष्य कनेक्टिविटी में सुधार करना, भीड़भाड़ कम करना और हरित गतिशीलता को बढ़ावा देना है। सीएमपी का उद्देश्य 3,780 वर्ग किमी क्षेत्र में 43.7 लाख से अधिक लोगों की गतिशीलता को सुव्यवस्थित करना है।
योजना तीन चरणों में विभाजित
- कुल लागत: 25,567 करोड़ रुपए
- पहला चरण: 13,927 करोड़ रुपए
- दूसरा चरण: 10,774 करोड़ रुपए
- तीसरा चरण: 865 करोड़ रुपए
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नागपुर मेट्रो फेज 3
- सीएमपी को अंतिम रूप दिए जाने के बाद नागपुर मेट्रो फेज 3 के लिए भी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) का काम शुरू हो जाएगा। फेज 3 में सीताबर्डी-कोराडी स्ट्रेच पर शहर की पहली भूमिगत मेट्रो शामिल हो सकती है।
- घने निर्माण के कारण कस्तूरचंद पार्क के पास शुरुआती 3 किमी भूमिगत होगा और शेष एलिवेटेड या एट-ग्रेड होगा।
- यह 11.5 किमी लंबा कॉरिडोर होगा जिसमें लगभग 10 स्टेशन होंगे।
- इस कॉरिडोर पर व्यस्त समय में यात्री क्षमता 2031 तक 5,600 से बढ़कर 11,800 यात्री प्रति घंटा हो जाएगी और दैनिक यात्री संख्या 2054 तक 65,000 से बढ़कर 1।47 लाख हो जाएगी।
पेरिफेरल रिंग रोड
- चरण 2 में एक प्रमुख अतिरिक्त प्रस्तावित 148 किमी, छह-लेन पेरिफेरल रिंग रोड है, जिसकी अनुमानित लागत ₹3,700 करोड़ है।
- यह रिंग रोड एनएच-44, एनएच-47, एनएच-353, एनएच-53 और समृद्धि महामार्ग सहित प्रमुख राजमार्गों को जोड़ेगा, जिससे भारी यातायात शहर के मुख्य क्षेत्र से बाहर हो जाएगा।
महत्वपूर्ण घटक और आगामी कदम
योजना में मेट्रो विस्तार, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब, उन्नत बस अवसंरचना, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम और पैदल यात्री एवं साइकिल-अनुकूल कॉरिडोर शामिल हैं, जिनका उद्देश्य निजी वाहनों पर निर्भरता को कम करना है।
