कृत्रिम फूल (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Artificial Flower Ban: महाराष्ट्र में कृत्रिम फूलों की अवैध बिक्री का मुद्दा सरकार के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया है। शुक्रवार को भाजपा विधायक विक्रम पाचपुते और अन्य ने राज्य विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से प्रतिबंध के बावजूद बाजार में कृत्रिम फूलों की अवैध बिक्री का मुद्दा उठाया।
इस पर चर्चा के दौरान हस्तक्षेप करते हुए सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने चेतावनी दी कि सजावट के लिए कृत्रिम फूलों का उपयोग करने वाले पेशेवरों को दंडित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृत्रिम फूलों का कारोबार फूल उत्पादकों और पर्यावरण दोनों को नुकसान पहुंचा रहा है।
सीएम ने कहा कि कृत्रिम फूलों पर मौजूदा प्रतिबंध को स्पष्ट करने के लिए जल्द ही एक सरकारी आदेश जारी किया जाएगा। फडणवीस ने कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ नगर निकाय की कार्रवाई के कारण कुछ फूल बाजार बंद हो गए हैं।
ऐसे में प्राकृतिक फूलों की बिक्री से जुड़े बाजारों को फिर से शुरू करने का आदेश दिया जाएगा। फडणवीस ने कहा कि फूलों के बाजार फलने- फूलने चाहिए क्योंकि फूल ‘सनातन धर्म’ में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। सरकार ने जुलाई 2025 में कृत्रिम फूलों के उपयोग, बिक्री और वितरण पर राज्यव्यापी प्रतिबंध की घोषणा की थी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) नेता जयंत पाटिल ने कहा कि पूरे राज्य में प्राकृतिक फूलों की गिरती कीमतों के कारण फूल उत्पादक किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। इस वजह से किसानों के चेहरे मुरझा गए है। इस स्थिति का मुख्य कारण कृत्रिम फूलों का बढ़ता उपयोग है।
ऐसे में कृत्रिम फूलों पर मौजूदा प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए। पाटिल ने कहा कि फूल उत्पादक ग्रीनहाउस में भारी निवेश करते हैं और बड़े पैमाने पर प्राकृतिक फूलों की खेती करते हैं। पाटिल ने कहा कि हालांकि, बाजार में कृत्रिम फूलों के बढ़ते उपयोग के कारण उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने कृत्रिम फूलों की बिक्री को पूरी तरह से रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की।
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राज्य के पूर्व मंत्री पाटिल ने कहा कि हाल ही में मुंबई के दादर इलाके में फूल बाजार से फूल विक्रेताओं को निकाय प्राधिकारियों ने हटा दिया था, जिसके विरोध में महानगर के फूल व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दी। पाटिल ने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए तत्काल कदम उठाने और फूलों के व्यापार को सुचारू रूप से बहाल करना सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया।