बेसा-पिपला को गडकरी की सौगात, सड़क विस्तार के लिए 30 करोड़ मंजूर, आउटर रिंग रोड से होगा संपर्क!
Nitin Gadkari Development Works: बेसा-पिपला रोड के लिए नितिन गडकरी ने दिए 30 करोड़ रुपये। चंद्रशेखर बावनकुले ने की ड्रेनेज नेटवर्क और फ्री प्रॉपर्टी कार्ड की घोषणा।
- Written By: प्रिया जैस
बेसा-पिपला रोड (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Besa-Pipla road Nagpur: तेजी से विकसित हो रहे बेसा-पिपला क्षेत्र को बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर बड़ी सौगात मिली है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने निर्माणाधीन बेसा-पिपला मार्ग के लिए अतिरिक्त 30 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह घोषणा राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने नवनिर्वाचित ‘बेसा-पिपला नगर पंचायत’ के पहले शपथ ग्रहण समारोह के दौरान की।
विकास परियोजनाओं की प्रमुख घोषणाएं
सड़क विस्तार : ₹30 करोड़ की अतिरिक्त राशि से बेसा-पिपला मार्ग का काम तेज होगा और इसे अब आउटर रिंग रोड तक बढ़ाया जा सकता है।
नया मार्ग : अथर्वनगरी से बेसा स्क्वायर तक की सड़क के लिए 18 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
ड्रेनेज नेटवर्क : क्षेत्र में 195 करोड़ की लागत से अंडरग्राउंड ड्रेनेज (निकासी) नेटवर्क का काम पहले ही राज्य सरकार द्वारा शुरू किया जा चुका है।
मुफ्त प्रॉपर्टी कार्ड : बावनकुले ने दोहराया कि ड्रोन सर्वे के माध्यम से हर घर को प्रॉपर्टी कार्ड दिया जाएगा। आमतौर पर इसके लिए 4,000 प्रति प्लॉट का खर्च आता है लेकिन निवासियों के लिए यह नि:शुल्क होगा।
जनता के प्रति जवाबदेही
मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने निर्वाचित प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे अपना कार्यालय प्रति दिन कम से कम 3 घंटे खुला रखें और हर रविवार को ‘जनता दरबार’ का आयोजन करें, ताकि स्थानीय समस्याओं का तुरंत समाधान हो सके।
सम्बंधित ख़बरें
नितिन गडकरी के गढ़ में ही दावों की खुली पोल; 2 महीने का दावा, 5 महीने बाद भी अधूरा अजनी स्टेशन प्रोजेक्ट
नागपुर MLC चुनाव: अब भी सस्पेंस में BJP उम्मीदवारों के नाम, नेताओं की बढ़ी बेचैनी
नागपुर रोजगार मेले का 19वां चरण: सरकारी नौकरी की सौगात, रेलवे समेत केंद्रीय विभागों में युवाओं की नियुक्ति
अंबाझरी तालाब को जलकुंभी मुक्त करने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान, महापौर और मनपा आयुक्त ने किया निरीक्षण
यह भी पढ़ें – मनपा चुनाव: उम्मीदवारों के आधार पर तय होंगी मशीनें, 4,004 केंद्रों पर 11,000 EVM से होगा मतदान
बेसा-पिपला का बदलाव
– 1995 में यह बुनियादी सुविधाओं के बिना एक छोटा सा गांव था।
– 2014 में नितिन गडकरी और देवेंद्र फडणवीस के प्रयासों से इसे एनएमआरडीए के दायरे में लाया गया।
– खेती की जमीन को रिहायशी घोषित कर पुराने घरों को वैध किया गया।
– अब इसे विकास शुल्क कम करने और बेहतर प्रशासन के लिए नगर पंचायत का दर्जा दे दिया गया है।
राजनीतिक संदेश और भविष्य की दृष्टि
पूर्व विधायक टेकचंद सावरकर ने भी क्षेत्र के विकास पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे नई सड़कों के निर्माण से आसपास की जमीन की कीमतों में वृद्धि हुई है। उन्होंने नागपुर को भारत के सबसे तेजी से विकसित होने वाले शहरों में से एक बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी, नितिन गडकरी और फडणवीस के नेतृत्व की सराहना की। वहीं बावनकुले ने स्थानीय चुनावों में टिकट न मिल पाने वाले वरिष्ठ नेताओं से माफी मांगते हुए आश्वासन दिया कि भविष्य में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
