आधी रात का विवाद और थाने में मौत! क्या एम्बुलेंस चालक ने डर से दी जान? CID खोलेगी गोंदिया पुलिस के राज
Ambulance Driver Suicide Gondia: गोंदिया जिले के डुग्गीपार थाने में एम्बुलेंस चालक शिवा की आत्महत्या की जांच अब सीआईडी करेगी। पुलिस हिरासत में मौत के संदेह के बीच डीजीपी कार्यालय का बड़ा फैसला।
- Written By: प्रिया जैस
एम्बुलेंस (AI Generated Image)
CID Investigation Maharashtra: सड़क अर्जुनी तहसील के डुग्गीपार थाने के पार्किंग परिसर में तेलंगाना राज्य के एक एम्बुलेंस चालक ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की घटना मंगलवार को सामने आई थी। आत्महत्या करने वाले एम्बुलेंस चालक का नाम शिवा बताया गया है। पुलिस महासंचालक के कार्यालय ने इस गंभीर मामले का संज्ञान लिया है और 18 फरवरी को लिखे एक पत्र में मामले की जांच राज्य के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को सौंप दी है।
शिवा यह निजी एम्बुलेंस में तेलंगाना राज्य से एक शव को उसके रिश्तेदारों के साथ गांव छोड़ने जा रहा था। गोंदिया जिले के सड़क अर्जुनी तहसील में पहुंचने पर चालक शिवा ने शराब पी ली। इस वजह से मृतक के रिश्तेदारों से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर परेशान रिश्तेदारों ने उसके खिलाफ डुग्गीपार थाने में शिकायत दर्ज कराई।
सीआईडी को सौंपी जांच
शिकायत पर संज्ञान लेते हुए गोंदिया पुलिस ने शव को दूसरी एम्बुलेंस में रखकर आगे के लिए भेज दिया, जबकि वह एम्बुलेंस और चालक शिवा को पूछताछ के लिए डुग्गीपार थाने में रखा गया। मंगलवार की सुबह शिवा को पुलिस थाने की पार्किंग में खड़ी एक पिकअप गाड़ी के पीछे रस्सी से लटका हुआ पाया गया। क्योंकि इस मामले में पुलिस पर शक है, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मामला सीआईडी को सौंप दिया गया है।
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कार्रवाई नहीं की तो रात भर क्यों रोका?
सीआईडी पूरी जांच करेगी कि शिवा ने पुलिस द्वारा वाहन रोकने और कार्रवाई के टेंशन में आत्महत्या की या इसके पीछे कोई और वजह थी। पुलिस ने चालक को रात भर रोका और उसके खिलाफ साधी मोटर वाहन कानून के तहत या महाराष्ट्र पुलिस कानून के तहत कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। तो पुलिस को उसे रोककर क्या मिला? चालक ने कार्रवाई के डर से आत्महत्या किया या किसी और वजह से, यह सीआईडी जांच में पता चलेगा।
