अथर्व नानोरे हत्याकांड (फाइल फोटो)
Atharva Nanore Murder Case: नागपुर शहर के गिट्टीखदान थाना क्षेत्र में अथर्व दिलीप नानोरे (Atharva Nanore) के हत्याकांड मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। गुरुवार को पुलिस ने अपहरण और हत्याकांड का क्राइम सीन रिक्रिएट किया। आरोपियों के साथ घटनाक्रम जानते हुए पुलिस ने चप्पा-चप्पा खंगाला और महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की। दोपहर करीब 1 से 5 बजे तक यह जांच चली।
इस बीच डीसीपी नित्यानंद झा अथर्व के घर पहुंचे। उन्होंने उसके पिता दिलीप नानोरे से बातचीत की और आश्वासन दिया कि हत्यारों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पुलिस ने जय रामगोपाल यादव (19), केतन उर्फ कुणाल रमेश शाहू (22) और आयुष मोहन शाहू (19) को गिरफ्तार किया है। गुरुवार की दोपहर जांच अधिकारी एसीपी जगताप और एपीआई बोरखेड़ ने अपनी टीम के साथ मामले की जांच की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार को डीसीपी झा अथर्व के घर पहुंचे। उन्होंने अथर्व के पिता को बताया कि पुलिस इस मामले में सारे सबूत इकट्ठा करने में जुटी हुई है। पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। आरोपियों को सख्त सजा दिलाने के लिए पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
आरोपी जय के भाई वीरू यादव द्वारा सोशल मीडिया पर संवेदनशील पोस्ट की भी जांच की जा रही है। इस मामले में वीरू को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी होना संभव है।
अथर्व हत्याकांड मामले में पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट में पेशी के बाद 10 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था। शुक्रवार को आरोपियों की हिरासत खत्म हो जाएगी। ऐसे में पुलिस तीनों आरोपियों को दोबारा कोर्ट में पेश करेगी।
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अथर्व के पिता दिलीप नानोरे ने बताया कि बेटे के लापता होने के बाद से ही सैकड़ों लोग उसे सुरक्षित घर वापस लाने में जुट गए। अथर्व की तलाश के लिए लोगों ने हरसंभव प्रयास किए। इस बीच गिट्टीखदान में रास्ता रोको आंदोलन भी किया गया। इस संबंध में पुलिस ने 37 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस विभाग से अपील है कि आंदोलनकारियों पर दर्ज मामला खारिज किया जाए। लोगों का उद्देश्य केवल अथर्व को सुरक्षित घर वापस लाना था।