अथर्व हत्याकांड: पूरा क्राइम सीन रीक्रिएट करेगी नागपुर पुलिस; आरोपियों का केस लड़ने से वकीलों ने किया इनकार

Atharva Nanore Murder Case: नागपुर पुलिस अथर्व नानोरे हत्याकांड का क्राइम सीन रीक्रिएट करेगी। वकीलों ने आरोपियों का केस लड़ने से किया इनकार। फोरेंसिक टीम को मिले अहम सुराग।
Nagpur Police to recreate the Atharva Nanore crime scene. Accused in custody until April 10. Nagpur lawyers refuse to represent the kidnappers.
अथर्व नानोरे हत्याकांड (फाइल फोटो)
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Atharva Nanore Murder: नागपुर में गिट्टीखदान के अथर्व दिलीप नानोरे हत्याकांड में पुलिस सबूत जुटाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। जानकारी मिली है कि पुलिस पकड़े गए आरोपियों के साथ पूरा क्राइम सीन रीक्रिएट करने वाली है। हर एक स्थल का बारीकी से मुआयना कर पुलिस सभी महत्वपूर्ण सबूतों को जमा कर रही है।

इस मामले में पुलिस ने आईबीएम रोड निवासी जय रामगोपाल यादव (19), कुतुबशाहनगर निवासी केतन उर्फ कुणाल रमेश शाहू (22) और इरोज सोसाइटी, मानकापुर निवासी आयुष मोहन शाहू (19) को गिरफ्तार किया है। न्यायालय ने उन्हें 10 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए हैं।

एक महीने से कर रहे थे प्लानिंग

बताया जाता है कि पिछले 25 दिनों से आरोपी अथर्व नानोरे (Atharva Nanore) के अपहरण की प्लानिंग कर रहे थे। आयुष के माल वाहन में अथर्व का अपहरण किया गया था। पुलिस ने वाहन जब्त कर लिया है। 3 मार्च को रात भर अथर्व का शव उसी वाहन में पड़ा था और दूसरे दिन कलमेश्वर थानांतर्गत भरतवाड़ा रेलवे क्रॉसिंग के पास फेंका गया। आरोपियों ने सबूत नष्ट करने के लिए वाहन से खून और सारी सामग्री धो दी थी।

पुलिस ने फोरेंसिक जांच टीम के साथ पूरे वाहन का मुआयना किया। कुछ जगहों पर पुलिस को आरोपियों के फिंगर प्रिंट मिले हैं। एक-दो खून के धब्बे भी मिले हैं जिसकी जांच होनी बाकी है। आरोपियों ने किस तरह वारदात को अंजाम दिया और कहां-कहां गए इसकी मौखिक जानकारी तो पुलिस ने ले ली है लेकिन जय यादव बेहद चालाक आरोपी है।

समय-समय पर उसने अपना बयान बदला है, इसीलिए पुलिस तीनों आरोपियों को फोरेंसिक टीम के साथ लेकर पूरी घटना का रीक्रिएशन करने वाली है। सीपी रवींद्र कुमार सिंगल पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि एसीपी स्तर के अधिकारी प्रकरण की जांच करेंगे और आरोपियों को न्यायालय से सजा दिलाने के लिए हर सबूत और गवाह जुटाए जाएंगे। ऐसे में क्राइम सीन का पुनर्निर्माण बेहद महत्वपूर्ण होगा।

कोर्ट में नहीं खड़ा हुआ कोई वकील

समाज के हर तबके में इस घटना को लेकर रोष फैला हुआ है। ऐसे में अधिवक्ताओं ने भी एकजुट होकर अथर्व (Atharva Nanore) के हत्यारों के केस में वकालतनामा पेश न करने का निर्णय लिया है। सोमवार को हुई पेशी में कोई भी वकील बचाव पक्ष के लिए कोर्ट में खड़ा नहीं हुआ। ऐसे में न्यायालय ने कानून के अनुसार आरोपियों को लीगल एड से वकील उपलब्ध करवाया। बड़ी संख्या में वकीलों ने इस संबंध में डीबीए को भी पत्र लिखा है।

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