रिश्वत मामला (सौजन्य-सोशल मीडिया)
MSEDCL Bribe Case ACB Nagpur: नागपुर में अपने ही विभाग में काम करने वाले कर्मचारी का मेडिकल बिल मंजूर करने की एवज में 2.50 लाख रुपये की रिश्वत लेने वाले महावितरण के उप प्रबंधक को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने पैसे लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। मामले में विभाग का लिपिक भी आरोपी है, जिसकी तलाश जारी है। इस कार्रवाई से पूरे महावितरण में हड़कंप मच गया है।
पकड़ा गया आरोपी गणेश नत्थू डोरले (51) बताया गया। गणेश बूटीबोरी सातगांव परिसर में स्थित महावितरण के मानव संसाधन (एचआर) विभाग में उप प्रबंधक है। फरार आरोपी सुमित रेवतकर इसी कार्यालय का वरिष्ठ लिपिक है। शिकायतकर्ता खुद महावितरण में टेक्निशियन पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2019 में बिजली के पोल पर चढ़कर काम कर रहे थे।
इसी दौरान उन्हें 11 हजार किलो वाट का करंट लगा और पोल से नीचे गिर गए। बुरी तरह जख्मी शिकायतकर्ता का हाथ काटना पड़ा। उपचार में 11 लाख रुपये का खर्च आया था। उस समय विभाग द्वारा उपचार के लिए कुछ रकम दी गई थी और बाकी रकम शिकायतकर्ता ने खुद खर्च की थी। इसका मेडिकल बिल मंजूर करने के लिए गणेश और सुमित ने शिकायतकर्ता से 2.50 लाख रुपये की मांग की।
इसके अलावा उन्हें एरियर्स में मिली रकम को अवैध बताकर भी आरोपी पैसे के लिए दबाव डाल रहे थे। पीड़ित व्यक्ति ने एसीबी से शिकायत की। वेरिफिकेशन में शिकायत सही पाई गई। लालची गणेश डोरले खुद गुरुवार को पीड़ित व्यक्ति के एमआईडीसी थाना क्षेत्र में स्थित घर पर पहुंचा।
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इंस्पेक्टर मयूर चौरसिया, हेड कांस्टेबल भरत ठाकुर, अनिल बहिरे, उपेंद्र आकोटकर, कांचन गुलबासे, विकेश राउत और प्रिया नेवारे ने उसके घर पर जाल बिछा लिया। जैसे ही गणेश ने रकम हाथ में ली, एसीबी की टीम ने दबोच लिया। गणेश को गिरफ्तार कर एमआईडीसी थाने में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान सुमित ने भी रिश्वत की मांग की थी। इसीलिए इस मामले में उसे भी आरोपी बनाया गया और तलाश की जा रही है।