दहिसर-काशीगांव मेट्रो को एक महीने में 10 लाख यात्री, स्टेशन के बाहर बढ़ा ट्रैफिक जाम
Kashigaon Metro Station: दहिसर-काशीगांव मेट्रो सेवा को यात्रियों का जबरदस्त प्रतिसाद मिल रहा है। एक महीने में 10 लाख यात्रियों ने सफर किया, लेकिन स्टेशन के बाहर ट्रैफिक जाम नई चुनौती बनकर उभरे हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
काशीगांव मेट्रो टैक्सी सर्विस (सौ. सोशल मीडिया )
Kashigaon Metro Station News: दहिसर- काशीगांव मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद मीरा-भाईंदर शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। दहिसर से काशीगांव तक शुरू हुए मेट्रो के पहले चरण को यात्रियों का जबरदस्त प्रतिसाद मिल रहा है।
पिछले एक महीने में करीब 10 लाख यात्रियों ने इस मेट्रो सेवा का लाभ उठाया है। मेट्रो यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या के बीच अब काशीगांव मेट्रो स्टेशन के नीचे साझा (शेयर) टैक्सी सेवा भी शुरू हो गई है।
टैक्सी की मौजूदगी से यात्रियों को राहत
ऑटो रिक्शा के साथ टैक्सियों की मौजूदगी ने यात्रियों को राहत तो दी है, लेकिन इससे स्थानीय रिक्शा चालकों में नाराजगी बढ़ गई है। बता दें कि मीरा भाईंदर शहर में टैक्सी परमिट सीमित हैं। ऐसे में मुंबई में मिले परमिट के आधार पर कई टैक्सी चालक यहां सेवा दे रहे हैं।
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चूंकि फिलहाल मेट्रो सेवा केवल काशीगांव तक ही संचालित हो रही है, इसलिए बड़ी संख्या में यात्री इस मेट्रो स्टेशन से आगे गोल्डन नेस्ट और अन्य इलाकों तक पहुंचने के लिए साझा टैक्सियों का सहारा ले रहे हैं। टैक्सी चालकों ने इसके लिए साझा किराया प्रणाली भी शुरू कर दी है, जिससे यात्रियों को अपेक्षाकृत सस्ता और तेज विकल्प मिल रहा है।
हालांकि, यात्रियों का रुझान टैक्सियों की ओर बढ़ने से रिक्शा यूनियनों में असंतोष का माहौल बन गया है। रिक्शा चालक संगठनों का आरोप है कि बिना स्थानीय अनुमति के टैक्सियां शहर में संचालन कर रही हैं, जिससे उनके रोजगार पर असर पड़ रहा है। संगठनों ने यातायात पुलिस से मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग की है।
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स्टेशन परिसर में जमा हो जाती है भारी भीड़
- वहीं दूसरी ओर काशीगांव मेट्रो स्टेशन के बाहर अब भीड़ और ट्रैफिक जाम की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। मेट्रो से उतरने वाले हजारों यात्रियों की वजह से स्टेशन परिसर में भारी भीड़ जमा हो जाती है।
- आगे की यात्रा के लिए तुरंत रिक्शा या टैक्सी उपलब्ध नहीं होने से यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे सड़क पर अव्यवस्था और जाम की स्थिति बन रही है। मेट्रो सेवा ने जहां मीरा-भाईंदर के यात्रियों को राहत दी है, वहीं अब अंतिम चरण की कनेक्टिविटी और यातायात प्रबंधन प्रशासन के लिए नई चुनौती बनती जा रही है।
