Maharashtra ST EV Bus: एसटी की ईवी बस परियोजना पर बढ़ा विवाद, तय समय में नहीं मिली 1,288 बसें
Maharashtra ST EV Bus की 5,150 ईवी बस परियोजना देरी और विवादों में घिर गई है। तय समय सीमा के बावजूद ठेकेदार कंपनी केवल 738 बसें ही उपलब्ध करा सकी, जिससे ST को करोड़ों रुपए के नुकसान का दावा किया गया।
- Written By: अपूर्वा नायक
महाराष्ट्र ST EV बसें (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra ST EV Bus Project Delay: एसटी महामंडल के 5,150 ईवी बस प्रोजेक्ट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सरकार द्वारा बढ़ाई गई समय सीमा समाप्त होने के बावजूद ठेकेदार कंपनी 1,288 बसों के तय लक्ष्य को पूरा नहीं कर सकी और अब तक केवल 738 बसों की ही आपूर्ति हो पाई है।
परियोजना में लगातार हो रही देरी के कारण एसटी को 161 करोड़ रुपए से अधिक का आर्थिक नुकसान होने का दावा किया गया है। महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी कांग्रेस ने सरकार पर ठेकेदार कंपनी को लगातार रियायतें देकर मनमानी बढ़ाने का आरोप लगाया है। साथ ही तत्काल ठेका रद्द कर कार्रवाई करने की मांग की है।
5,150 इलेक्ट्रक बसें लेने की परियोजना
उल्लेखनीय है कि किराए के आधार पर 5,150 इलेक्ट्रक बसें लेने की परियोजना का उद्घाटन 13 फरवरी 2024 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हाथों किया गया था। करार के अनुसार हर महीने 215 बसें एसटी को उपलब्ध कराना अपेक्षित था, लेकिन वास्तव में बसों की आपूर्ति बेहद धीमी गति से होने का आरोप महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी कांग्रेस के महासचिव श्रीरंग बरगे ने लगाया।
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बरगे ने कहा कि अब तक इलेट्रिक बस आपूर्तिकर्ताओं द्वारा एसटी को 9 मीटर लंबाई की 260 और 12 मीटर लंबाई की 478 समेत केवल 738 बसें ही उपलब्ध कराई गई हैं। सरकार ने मध्यस्थता करते हुए कंपनी को 22 मई 2026 तक 1,288 बसों की आपूर्ति का संशोधित लक्ष्य दिया था।
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हिम्मत है तो हो कार्रवाई
- बरगे ने सवाल उठाया कि समय वृद्धि, रियायतों और सरकार की नरमी के कारण ही ठेकेदार कंपनी को बार-बार राहत मिलती रही।
- अब क्या राज्य सरकार कंपनी पर कार्रवाई करेगी? उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि हिम्मत है, तो कार्रवाई करके दिखाएं।।।
- समय पर बसों की आपूर्ति नहीं करने के कारण कंपनी पर लगभग 15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाना अपेक्षित है।
- साथ ही इस परियोजना के कारण एसटी को अब तक 161.31 करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है।
- इसलिए पहले से आर्थिक संकट से जूझ रही एसटी को यह नुकसान सरकार द्वारा भरपाई के रूप में दिया जाए। इस तरह की मांग भी बरगे ने की है।
