नागपुर में आपली बस के थमे पहिये, हड़ताल से 12वीं के परीक्षार्थियों की बढ़ी धड़कनें; पटवर्धन डिपो में चक्का जाम
Nagpur Aapli Bus Strike: नागपुर में 'आपली बस' की हड़ताल। पटवर्धन डिपो की 65 बसें बंद रहने से 12वीं के परीक्षार्थी और दफ्तर जाने वाले लोग परेशान। दोपहर बाद बहाल हुई सेवा।
- Written By: प्रिया जैस
आपली बस की हड़ताल (सौजन्य-सोशल मीडिया, कंसेप्ट फोटो)
Nagpur City Bus News: देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में गुरुवार को नागपुर शहर की ‘आपली बस’ सेवा भी प्रभावित रही। पटवर्धन डिपो से संचालित होने वाली 65 बसों के पहिये थम जाने से दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, महिला कर्मियों और छात्रों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से वर्तमान में 12वीं कक्षा की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं।
भले ही कुछ परीक्षार्थी स्वयं के या किराये के वाहनों से आवाजाही कर रहे हों, लेकिन अभी भी अधिकांश छात्र बसों के सहारे परीक्षा केंद्रों पर पहुंच रहे हैं जिससे गुरुवार को हुई हड़ताल के चलते इन परीक्षार्थियों को विशेष रूप से परेशानी झेलनी पड़ी। पहले से आपली बस के कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने की सूचना के बावजूद परिवहन विभाग या फिर बसों का संचालन करने वाली कम्पनियों के अधिकारियों की ओर से इसकी सुध तक नहीं ली गई।
कम्पनियों की लापरवाही पर कौन लगाए अंकुश
हड़ताल के कारण कई इलाकों के रूट्स पर बसों का संचालन नहीं हो पाया जबकि कुछ रूट्स पर काफी देरी से बसें चलती रहीं। इसकी वजह से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी समय तक इंतजार करना पड़ा। कुछ यात्रियों का मानना है कि सिटी में भले ही इलेक्ट्रिक एसी बसों का संचालन हो रहा हो, लेकिन यदि समय पर बस उपलब्ध नहीं हो रही हो, तो इसका क्या लाभ?
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कुछ रूट्स पर तो बसों का संचालन अभी भी पूरी तरह से नहीं हो पा रहा है। केवल कुछ ही इलाकों में एक के बाद एक बसें चल रही हैं। गुरूवार को तो बसों का संचालन कर रहीं कम्पनियों ने हद कर दी। जब पहले से बसों की हड़ताल तय थी, तो कम्पनियों को इसका इंतजाम करना चाहिए था किंतु कोई राहत नहीं मिली। कम्पनियों की लापरवाही पर कौन अंकुश लगाएगा, यह समझ से परे है।
सुबह 5 बजे से ही काम बंद
सीटू समर्थित लाल बावटा यूनियन के आह्वान पर डिपो के ड्राइवरों और कंडक्टरों ने सुबह 5 बजे से ही काम बंद कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण 50 डीजल मिडी बसें और 15 मिनी बसें सड़कों पर नहीं उतरीं। यूनियन के सचिव के नेतृत्व में सदस्यों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धरना प्रदर्शन किया।
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हड़ताल के कारण शहर के प्रमुख इलाकों जैसे मनीषनगर और बेसा-बेलतरोड़ी की बस सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई। हालांकि मनपा के परिवहन विभाग ने दावा किया कि अन्य 5 डिपो से बसों का संचालन जारी रखकर यात्रियों की परेशानी कम करने की कोशिश की गई। बताया जाता है कि शहर में कुल 505 बसों का संचालन 6 डिपो से किया जाता है।
बोर्ड परीक्षा को देखते हुए वापस ली गई हड़ताल
राज्य में चल रही कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग ने लाल बावटा यूनियन से हड़ताल वापस लेने का अनुरोध किया। छात्रों के हितों का सम्मान करते हुए यूनियन दोपहर 2 बजे विरोध प्रदर्शन खत्म करने पर सहमत हो गई। इसके बाद डिपो से 45 बसों का परिचालन फिर से शुरू किया गया, जिससे दोपहर बाद यात्रियों को कुछ राहत मिली।
