वर्धा में भारत बंद का असर, कामगार संगठनों ने सरकार को घेरा, पीएम मोदी और सीएम फडणवीस को भेजा निवेदन

Wardha Bharat Bandh 2026: वर्धा में 'भारत बंद' का बड़ा असर। श्रमिक संगठनों और कांग्रेस ने जिलाधिकारी कार्यालय पर दी दस्तक। ठेका पद्धति और काले कानूनों के खिलाफ खोला मोर्चा।
Massive support for Bharat Bandh in Wardha.
वर्धा कामगार संगठना (सौजन्य-नवभारत)
Updated on

Labor Union Protest Wardha: वर्धा जिले में अपनी न्यायीक मांगों को लेकर विविध श्रमिक संगठनों ने देशव्यापी हड़ताल का निर्णय लिया। जिले की विविध संगठना, राजनीतिक दलों ने बंद को अपना समर्थन दर्शाया। जिलाधिकारी कार्यालय पर दस्तक देते हुए मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। देश की संगठित व असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों पर बड़ी मात्रा में अन्याय हो रहा है।

सार्वजनिक क्षेत्र में उद्योगों का दिवाला निकल रहा है। केंद्र सरकार नए कानून लाये, जो श्रमिकों के खिलाफ है। उपरोक्त कानून से श्रमिक वर्ग असुरक्षित महसूस कर रहा है। केंद्र सरकार व राज्य सरकार के विभागों में नोकर भर्ती पिछले दस वर्षों से नहीं की गई। जो नोकर भर्ती हुई वह ठेका पध्दति पर की गई। त्रयस्त कंपनी के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया चल रही है।

जहां आरक्षण का नियम लागू नहीं होता। उक्त कंपनियां श्रमिकों का जीपीएफ, सीपीएफ बिमा कपात नहीं करती। इससे श्रमिकों का जीवन खतरे में आ गया है। जो श्रमिक जीवनभर रकारारी यंत्रणा के माध्यम से सेवा करता है। उस असंगठित व मानसेवी श्रमिक को पेन्शन तक नहीं मिलती। परिणामवश श्रमिकों का भविष्य खतरे में आ गया है।

शिष्टमंडल में प्रा. राजू गोरडे, मनोहर पंचारिया, प्रा. राजेंद्र जिभकाटे, जितेंद्र गोरडे, नितिन सुले, पद्माकर कांबले, शेख नजीर शेख, संजय देसाई, राजू तेलतुंबडे, अविनाश नागदेवे, हसीना गोरडे, चंद्रशेखर भेंडे, प्रा. राजेंद्र बानमारे, राजू भगत, राजू डांगे, सचिन डहाके सहित अन्य मौजूद थे।

PM व राज्य के CM के नाम निवेदन भेजा

इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए काले कानून रद्द करने सहित विविध मांगों को लेकर देश की सभी कामगार संगठनों ने 12 फरवरी को बंद का ऐलान किया गया था। बंद को कांग्रेस सहित विविध संगठनों ने भी अपना समर्थन दर्शाया। ऑल इंडिया या कामगार संगठन की अगुवाई में बंद में विविध दल शामिल हुए थे। एआईसीसीटीयू संगठन की ओर से प्रधानमंत्री व राज्य के मुख्यमंत्री के नाम निवेदन भेजा गया।

Navbharat Live
navbharatlive.com