मंत्री जी. किशन रेड्डी ने किया निरीक्षण (सौजन्य-नवभारत)
WCL Nagpur News: नागपुर में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने वेकोलि की मुरपार भूमिगत खदान के खदान बंदी प्रक्रिया का निरीक्षण किया। मुरपार भूमिगत खदान में बंदी से संबंधित विभिन्न कार्यों एवं उनकी प्रगति का अवलोकन किया। खदान में वर्ष 2003 से कोयला उत्पादन प्रारंभ हुआ था तथा वर्ष 2022 में ताडोबा-अंधेरी टाइगर रिजर्व के इको-सेंसिटिव जोन घोषित होने के कारण इस खदान को बंद किया गया।
रेड्डी ने कहा कि खदान बंदी किसी परियोजना का अंत नहीं, बल्कि सतत विकास की दिशा में एक नई शुरुआत है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि खदान बंदी की प्रक्रिया को वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित ढंग से लागू किया जाना चाहिए ताकि खनन के पश्चात क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन की पुनर्स्थापना तथा प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
रेड्डी ने कहा कि कोयला खदान बंदी योजनाओं में स्थानीय समुदायों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रोत्साहित विभिन्न पहलों के माध्यम से बंद हो चुकीं खदानों को सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टि से उपयोगी परिसंपत्तियों में बदलने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें – मंदिर, मस्जिद और बुद्ध विहार…हर जगह चली जांच की रडार; नागपुर पुलिस ने हटाए 1,000 से ज्यादा अवैध स्पीकर
मुरपार को भूमिगत खदान के विषय में जानकारी देते हुए वेकोलि के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहान ने बताया कि स्थापना से अब तक लगभग 9,95,926 टन कोयले का उत्पादन किया गया। खदान के लिए अंतिम माइन क्लोजर प्लान को वेस्टर्न कोलफील्ड बोर्ड द्वारा 19 जनवरी 2026 को स्वीकृति प्रदान की गई है। खदान में कार्यरत लगभग 426 कर्मचारियों को उमरेर क्षेत्र की अन्य खदानों में पुनः पदस्थापित किया गया है।