

Landslide in Coal Mine: दुर्गापुर संभाग में वेकोलि चंद्रपुर क्षेत्र की भटाली ओपन कास्ट खदान में 11 मार्च के 1 बजे की रात को एक बड़ा हादसा हुआ। जिसमें एक अधिकारी और तीन वेकोलि कर्मचारी सहित कुल 4 लोग बाल-बाल बच गए। चारों का चन्द्रपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। शुरुआती में आईसीयू में रखा गया था। जानकारी अनुसार सभी को जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया है।
रात के 1 बजे रात्रि पाली के दौरान बंद मोटर पंप को चालू करने के लिए एक अधिकारी और तीन कर्मचारी काम कर रहे थे।मोटर पंप चालू करने के लिए बार- बार प्रयास कर रहे थे। इसी बीच जिस पर रहकर काम कर रहे थे। वही शील्ड मलबा बनकर नीचे गिर गया, जिसके कारण अधिकारी सहित कर्मचारी इधर-उधर फेके गये। जबकि 5 करोड़ का पीसी मशीन मलबे में दब गयी।
मलबा इतना ज्यादा गिरा कि बाहर के लोगों को ऐसा लगा कि शायद ही कोई बचें होंगे। यही खबर रात को ही वेकोलि मुख्यालय पहुंची तो सीएमडी और टीडी सन्न रह गए। यह तो ऊपर वालों की कृपा रही कि सभी सुरक्षित घायल अवस्था में बाहर निकल गए। शिफ्ट इंचार्ज आदित्य थेरे, ओवर मैन दत्ताराव ढिउरे, मैकेनिकल ऑपरेटर गिरडे और पीसी ऑपरेटर मेहकल मुगले चारों का नाम बताया जा रहा है।
लगभग 110 मीटर नीचे कोयला खदान का यह घटना है। जो मलबा रात को 1 बजे गिरा, उसके नीचे से सुरंग बनाकर कोयला निकाला जा रहा था। यह तो गनीमत रही कि शील्ड के नीचे के सुरंग में उस समय कोई नहीं था। खदान में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों 2 महीनों से यह बात मैनेजमेंट को बता रहे थे कि पहले ऊपर के पानी और मिट्टी को हटाया जाए बाद में कोयला निकाला जाए लेकिन सब एरिया मैनेजर और सब एरिया ऊपर से दबाव का हवाला देकर अपने पद का रौब दिखाते हुए काम करवा रहे थे।
जिस दिन घटना हुआ उस मलबा के ऊपर का लगा पंप बन्द हो गया था, जिसे सुधारने के लिए उक्त चारों लोग पी सी मशीन के सहारे से काम कर रहे थे। उसके नीचे सुरंग नहीं रहता तो उक्त मलबा नीचे नहीं गिरता और नहीं यह हादसा होता। फिलहाल में वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड अधिकारी और केंद्रीय विभाग के डी जी एम एस अधिकारी मौके पर पंहुचकर हादसे के कारण जानने में लगे हैं।