मनपा चुनाव: नये नियम की मार, आज आरक्षण की निकलेगी लॉटरी, ओबीसी को एक सीट का नुकसान
Municipal elections: महानगरपालिका चुनाव में नए नियमों से ओबीसी को एक सीट का नुकसान होगा। सुप्रीम कोर्ट ने पुराने आरक्षण नियमों के तहत 31 जनवरी 2026 तक चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं।
- Written By: पूजा सिंह
आरक्षण की निकलेगी लॉटरी (फाइल फोटो)
Nagpur Municipal Corporation Election: महानगरपालिका के चुनाव लगभग तय होने के कारण अब लंबे समय से राह देख रहे कार्यकर्ताओं में भले ही उत्साह हो लेकिन चुनाव संबंधित बने नये नियमों के चलते ओबीसी वर्ग को एक सीट का नुकसान होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी वर्ग को पुरानी पद्धति से आरक्षण लागू कर 31 जनवरी 2026 के पूर्व चुनाव कराने के निर्देश दिए जिसके अनुसार वर्ष 2017 के नियमों के अनुसार तो ओबीसी को 27 प्रतिशत का आरक्षण दिया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में लागू नये नियमों में भले ही 151 सीटों में 27 प्रतिशत आरक्षण के अनुसार 40.77 का आंकड़ा हो रहा हो किंतु इसे 40 ही गिना जाएगा, जबकि पुराने नियमों के अनुसार यही आंकड़ा 41 होता जिससे अब ओबीसी के लिए नये नियमों के अनुसार केवल 40 सीटें ही आरक्षित होंगी जो पहले के नियमों में 41 सीटें थीं। फिलहाल ओबीसी को नये नियमों की मार झेलनी पड़ेगी। बहरहाल चुनावी गतिविधियों के इस क्रम में मंगलवार की सुबह 10.30 बजे रेशमबाग स्थित सुरेश भट सभागृह में आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
OBC जनगणना होती तो बढ़तीं अधिक सीटें
अब तक भले ही राज्य में जाति जनगणना के कोई आसार न हों किंतु अब मनपा चुनाव के लिए निकाली जा रही आरक्षण की लॉटरी के मद्देनजर जाति जनगणना का मसला भी उठता दिखाई दे रहा है जिसमें विशेष रूप से ओबीसी, वर्ग की ओर से इस मसले को उठाया जा रहा है। ओबीसी के कई राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि जनगणना होती तो न केवल ओबीसी के लिए प्रभाग भी निश्चित होते बल्कि प्रतिशत बढ़ने से सीटें भी अधिक आरक्षित करनी पड़ सकती थीं किंतु अब इस वर्ग को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
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खुले वर्ग और ओबीसी में चलेगी टसल
अधिकारी के अनुसार आरक्षण की लॉटरी के लिए निर्धारित प्रक्रिया में सर्वप्रथम संख्याबल के उतरते क्रम के अनुसार जिन प्रभागों में अनुसूचित जाति की संख्या अधिक होगी वहां की उतरते क्रम के अनुसार कुल 30 सीटें तय होंगी जिनमें से अनुसूचित जाति महिलाओं के लिए 15 सीटों का ड्रा निकाला जाएगा। इसी तरह से अनुसूचित जनजाति की 12 सीटों का आरक्षण भी तय किया जाएगा कितु एससी, एसटी आरक्षण के बाद बची 109 सीटों में से ओबीसी आरक्षण की लॉटरी का क्रम तय किया जाएगा। अधिकारी के अनुसार चूंकि प्रभागों में ओबीसी की संख्या का कोई निर्धारण नहीं है, अतः ओबीसी आरक्षण के लिए बचे प्रभागों में खुले वर्ग के साथ टसल दिखाई देगी।
प्रत्येक प्रभाग में 2 महिलाएं तय
चूंकि महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण तय है। ऐसे में भले ही एससी, एसटी और ओबीसी का आरक्षण निकाला जाए किंतु प्रत्येक प्रभागों में 2 महिलाओं के लिए आरक्षण तय है। चूंकि सबसे अंतिम प्रभाग क्रमांक 38 में केवल 3 सीटें हैं। यहां पर भी 2 महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित होगी, जबकि पुरूष वर्ग के लिए केवल एक सीट होगी।
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OBC आरक्षण की प्रक्रिय
अधिकारियों के अनुसार ओबीसी आरक्षण की प्रक्रिया में जिन प्रभागों में एससी या एसटी का केवल एक आरक्षण निकलेगा। वहां पर एक सीट निश्वित तौर पर ओबीसी के लिए होगी। ओबीसी के लिए 40 सीटों के अनुसार प्रभाग तथ करने के बाद इसमें से महिलाओं के लिए 20 सीटें तय होंगी जिसके लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। बची 20 सीटों पर ओबीसी पुरुष की दावेदारी होगी।
