
प्रकाश आंबेडकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Prakash Ambedkar On Maratha Reservation: वंचित बहुजन आघाडी के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने ओबीसी समुदाय से एकजुट होने और आरक्षण विरोधी ताकतों को वोट न देने का आह्वान किया है। उन्होंने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के आंदोलन के बाद 2 सितंबर को जारी सरकारी आदेश के लिए सीएम देवेंद्र फडणवीस की आलोचना की।
वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने सोमवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को एकजुट होने की सलाह दी और उनसे अपील की कि वे ऐसी पार्टियों को वोट न दें जो आरक्षण का विरोध कर रही हैं। उन्होंने जालना में ‘सकल ओबीसी एवं घुमंतू जनजाति महासंघ’ द्वारा आयोजित एक प्रदर्शन के समापन पर एक रैली को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
प्रकाश आंबेडकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ओबीसी संकट में हैं। उन्हें जागना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि आरक्षण विरोधी ताकतों को सत्ता से बाहर रखा जाए।
आंबेडकर ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना की। यह आलोचना 2 सितंबर को जारी किए गए सरकारी आदेश (जीओ) के संदर्भ में की गई। यह आदेश मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के आंदोलन के बाद जारी किया गया था। जरांगे मराठा समुदाय के सदस्यों को कुनबी प्रमाणपत्र जारी करने की मांग कर रहे हैं ताकि वे ओबीसी कोटे का लाभ उठा सकें।
आंबेडकर ने चेतावनी दी कि “दो सितंबर को जारी किया गया सरकारी आदेश ओबीसी की पहचान को ही नष्ट कर देगा।” उन्होंने दावा किया कि ओबीसी नेता और मंत्री कठपुतलियों की तरह नियंत्रित किए जा रहे हैं।
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ओबीसी नेता इस कदम का विरोध कर रहे हैं। उनका दावा है कि मराठा समुदाय को कुनबी प्रमाणपत्र जारी करने के इस कदम से उनका वर्तमान आरक्षण कमजोर हो जाएगा।
प्रकाश आंबेडकर ने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के संदर्भ में ओबीसी समुदाय को एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी को अपने उम्मीदवार उतारने होंगे। महाराष्ट्र में जल्द ही स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं। 2 दिसंबर को 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के लिए मतदान होगा, जबकि वोटों की गिनती अगले दिन की जाएगी।
(एजेंसी इनपुट के साथ)






