चंद्रशेखर बावनकुले मिहान मीटिंग (सौजन्य-नवभारत)
Chandrashekhar Bawankule MIHAN Meeting: मिहान प्रकल्प के अंतर्गत खापरी (रे.), तेल्हारा, दहेगांव और कलकुही गांव के प्रकल्पग्रस्तों को लगभग 781 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। अनेक लोगों को उपयुक्त स्थानों पर भूखंड आवंटित किए गए तथा अनुदान के रूप में आर्थिक सहायता दी गई। राजस्व विभाग द्वारा युद्ध स्तर पर प्रक्रिया पूरी कर पुनर्वास कार्य लगभग पूर्ण किया जा रहा है।
इसके बावजूद यदि किसी व्यक्ति को लाभ नहीं मिला हो और उसके पास आवश्यक वैध दस्तावेज हों तो ऐसे मामलों के निपटारे के लिए विशेष शिविर आयोजित कर एक महीने के भीतर सभी प्रकरणों का समाधान करने का निर्देश पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए।
मिहान में उनकी अध्यक्षता में पुनर्वास तथा अन्य लंबित विषयों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में जिलाधिकारी एवं मिहान के सह-प्रबंध निदेशक डॉ. विपिन इटनकर, मिहान के सलाहकार प्रकाश पाटिल, उपजिलाधिकारी मलिक विराणी, वरिष्ठ प्रबंधक गौरव उपश्याम, विभिन्न पदाधिकारी तथा प्रकल्पग्रस्त संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
पालक मंत्री ने बताया कि मिहान के भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास के लिए 3,994 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। इनमें से अधिकांश राशि खर्च भी की जा चुकी है। शेष निधि में से वर्ष 2025-26 के लिए 400 करोड़ रुपये की मांग की गई थी जिसमें से शासन द्वारा 240 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।
शेष 160 करोड़ रुपये की मांग की गई है तथा अगले वित्तीय वर्ष के लिए 597 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग भी की गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने समय-समय पर इस विषय की समीक्षा की है और निधि उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि पुनर्वास क्षेत्र में सभी नागरी सुविधाएं उपलब्ध करने का प्रयास किया गया है।
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ग्राम पंचायत द्वारा जल कर वसूली में लापरवाही के लिए उन्होंने ग्राम विस्तार अधिकारी एवं ग्रामसेवक को फटकार भी लगाई। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को नल कर, घर कर आदि की वसूली के माध्यम से अपने आर्थिक संसाधनों को मजबूत करना चाहिए तभी विकास को गति मिल सकेगी।
नागपुर-वर्धा रोड में चिंचभवन से खापरी रोड का हिस्सा 8 लेन करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए रोड के 110 ढाबे और दुकान तोड़े जाएंगे। पर्यायी शापिंग काम्पलेक्स बनाकर इसमें बाधितों को दुकान दिया जाएगा। एमएडीसी ने पहले ही रोड के दोनों साइड जमीन अधिग्रहित कर किसानों को मुआवजा दिया है। कुछ किसान न्यायालय गए हैं जिनका मुआवजा न्यायालय में जमा किया गया है। बावजूद इसके दुकानदारों व ढाबा मालिकों को सरकार दुकानें उपलब्ध कराएगी।