प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Akola Social Welfare Department: आंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को प्रोत्साहन स्वरूप सरकार की ओर से 50 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। इस योजना का उद्देश्य समाज में जातीय दूरी कम करना और सामाजिक सौहार्द कायम रखना है। लेकिन अकोला जिले में 57 लाभार्थी अब तक इस अनुदान से वंचित हैं। जिला परिषद समाज कल्याण विभाग के अनुसार, वर्ष 2025-26 में कुल 113 जोड़ों ने अनुदान के लिए आवेदन किया था।
इनमें से 56 लाभार्थियों को 50 हजार रुपये प्रति जोड़े के हिसाब से कुल 1 करोड़ 28 लाख रुपये वितरित किए गए। शेष 57 लाभार्थियों को निधि अभाव के कारण अनुदान नहीं मिल पाया है। इन मामलों को हल करने के लिए सरकार से 20 लाख रुपये की अतिरिक्त निधि की मांग की गई है। निधि प्राप्त होते ही इन लाभार्थियों को अनुदान वितरित किया जाएगा।
योजना का स्वरूप आंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना में केंद्र और राज्य सरकार का 50-50 प्रतिशत हिस्सा होता है। जिला परिषद समाज कल्याण विभाग इस योजना को लागू करता है और पात्र जोड़ों के खातों में सीधे राशि जमा की जाती है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विमुक्त जाति और भटकी जनजाति में से एक पक्ष और दूसरे पक्ष में हिंदू, लिंगायत, जैन या सवर्ण धर्म का व्यक्ति होने पर इस योजना का लाभ दिया जाता है। यह योजना अस्पृश्यता निवारण और सामाजिक एकात्मता को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है।
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अनुदान से वंचित 57 जोड़े लंबे समय से समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकार से निधि प्राप्त होते ही इन लाभार्थियों को अनुदान दिया जाएगा।
समाज कल्याण निरीक्षक ने बताया की अब तक 56 लाभार्थियों को अनुदान वितरित किया गया है। शेष 57 लाभार्थियों के लिए 20 लाख रुपये का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। निधि प्राप्त होते ही उन्हें अनुदान दिया जाएगा।
| विवरण | जानकारी |
| प्रोत्साहन राशि | ₹50,000 प्रति जोड़ा |
| कुल आवेदन (2025-26) | 113 जोड़े |
| लाभान्वित जोड़े | 56 (कुल ₹28 लाख वितरित) |
| लंबित मामले | 57 जोड़े |
| बजट की कमी | ₹20 लाख (प्रस्तावित) |
| हिस्सेदारी | 50% केंद्र : 50% राज्य |