मोबाइल ऐप पर शिफ्ट हुआ रेडियो, ‘न्यूज ऑन एयर’ से लाइव कार्यक्रम सुन रहे श्रोता
Radio Apps: तकनीक के दौर में रेडियो भी डिजिटल हो गया है।प्रसार भारती के मोबाइल ऐप्स के जरिए अब श्रोता लाइव कार्यक्रम सुन रहे हैं और ऐप पर रेडियो सुनने के मामले में पुणे शहर पहले स्थान पर पहुंच गया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
रेडियो मोबाइल ऐप (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Radio App Listeners Growth: तकनीक के तेजी से बदलते दौर में रेडियो का स्वरूप भी पूरी तरह बदल गया है। अब पारंपरिक रेडियो सेट की जगह मोबाइल ऐप के जरिए कार्यक्रम सुनने का चलन बढ़ गया है।
प्रसार भारती ने आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए अपने सभी आकाशवाणी केंद्रों को मोबाइल ऐप से जोड़ दिया है, जिससे श्रोता कहीं भी और कभी भी कार्यक्रम सुन सकते हैं।
ऐप के जरिए लाइव कार्यक्रमों की सुविधा
‘न्यूज ऑन एयर’ और ‘वेव्स’ जैसे मोबाइल ऐप्स के माध्यम से श्रोता पुणे आकाशवाणी केंद्र के कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण सुन रहे हैं। इन ऐप्स पर देशभर के विभिन्न केंद्रों के कार्यक्रम एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जिससे श्रोताओं को अलग-अलग चैनल खोजने की आवश्यकता नहीं पड़ती और मनोरंजन के साथ जानकारी भी आसानी से मिलती है।
सम्बंधित ख़बरें
पुणे MHADA का धमाका: ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर 295 फ्लैटों की बिक्री; 4 मई से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन
बारामती में फिर होगा पवार Vs पवार का महायुद्ध? जय के सामने होंगे युगेंद्र! रोहित पवार ने लगाया साजिश का आराेप
ठाणे में जलकर खाक हुई शिवशाही बस; धधकती आग से दमकलकर्मियों ने निकाला यात्री का 3 तोला सोना
पुणे रेलवे स्टेशन अपराधियों का अड्डा बन गया है? सांसद मेधा कुलकर्णी के औचक निरीक्षण में खुली पोल, मचा हड़कंप
ऐप पर रेडियो सुनने में पुणे नंबर-1
मोबाइल ऐप के जरिए रेडियो सुनने वाले श्रोताओं की संख्या के मामले में पुणे शहर देशभर में पहले स्थान पर पहुंच गया है। यह दर्शाता है कि डिजिटल माध्यमों को अपनाने में पुणे के श्रोता काफी आगे हैं। युवाओं के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिक भी अब स्मार्टफोन के जरिए रेडियो से जुड़े हुए हैं।
ये भी पढ़ें :- पुणे मेट्रो यात्रियों को बड़ी राहत, पिंपरी-चिंचवड, शिवाजीनगर और स्वारगेट स्टेशन पर नए प्रवेश द्वार शुरू
निजी रेडियो चैनल भी हुए डिजिटल
आकाशवाणी के साथ कई निजी रेडियो चैनलों के कार्यक्रम भी अब मोबाइल ऐप पर उपलब्ध हो गए हैं। इससे रेडियो उद्योग को नई पहचान मिली है और श्रोताओं को विविध कंटेंट का विकल्प मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विस्तार से रेडियो माध्यम ने एक नई छलांग लगाई है, जिससे आने वाले समय में इसकी लोकप्रियता और बढ़ेगी।
