कचरा हो या हॉकर्स का मामला, सदन में घिरेगी नागपुर महानगरपालिका, संजय महाकालकर ने भरी हुंकार

Nagpur Municipal Corporation Opposition: नागपुर मनपा के विपक्षी नेता संजय महाकालकर का प्रशासन पर हमला। प्रशासक राज के 4 साल के खर्च पर मांगी श्वेत पत्रिका। कचरा और पानी के मुद्दे पर घेराव।
Nagpur opposition leader Sanjay Mahalkalkar demands a White Paper on NMC’s 4-year administrator rule.
संजय महाकालकर (सौजन्य-एक्स)
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Sanjay Mahalkalkar NMC: नागपुर महानगर पालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी लोगों को पेयजल, सफाई और अतिक्रमण मुक्त फुटपाथ के साथ ही हॉकर्स के मुद्दे से निपटना है। एक ओर जहां कचरा संकलन उचित नहीं होने के कारण सिटी की तमाम जनता परेशान है, वहीं दूसरी ओर पेयजल को लेकर भी शिकायतें हैं। इसी तरह से मनपा के प्रवर्तन विभाग की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है।

यह विभाग केवल बर्डी मेन रोड पर ही हॉकर्स के खिलाफ कार्रवाई में जुटा रहता है, जिससे यहां के हॉकर्स बेरोजगार हो गए हैं। हालांकि सिटी के कई इलाकों में अतिक्रमण है, किंतु विभाग का ध्यान केवल बर्डी मेन रोड पर है। आने वाले दिनों में इसे लेकर प्रशासन की जवाबदेही तय की जाएगी।

आवश्यकता पड़ी, तो सदन में इन तमाम मुद्दों पर प्रशासन से जवाब मांगने की मंशा विरोधी पक्ष नेता संजय महाकालकर ने जताई। ‘नवभारत’ को दी गई सदिच्छा भेंट में उन्होंने जनता से जुड़ीं तमाम समस्याओं पर अपना रुख साफ किया। उन्होंने इन समस्याओं पर आने वाले दिनों में विपक्ष द्वारा कड़ाई से निपटने की तैयारी भी जताई।

त्रस्त करने वाला विकास नहीं चाहिए

महाकालकर ने कहा कि वर्तमान में सिटी में विकास के नाम पर कई कार्य किए जा रहे हैं। जहां-तहां सड़कों को खोदकर रखा गया है। दक्षिण से उत्तर जाने वाले मार्ग पर फ्लाईओवर का काम जारी है। इसी तरह के काम कुछ इलाकों में भी हैं। जब फ्लाईओवर के लिए काम जारी है, तो कम से कम नीचे की सड़कों को आवाजाही लायक रखना प्रशासन का काम है। इसे सत्ता पक्ष द्वारा सुनिश्चित करना चाहिए किंतु विकास के नाम पर जनता अब पूरी तरह से त्रस्त हो चुकी है। विकास से कहीं भी लोगों को राहत नहीं है। किसी भी सड़क से गुजर जाएं, तो वह कहीं न कहीं बंद होती है। किस सड़क से गुजरें, पता ही नहीं होता। महाकालकर ने कहा कि मनपा में गत 4 वर्षों से प्रशासक राज रहा है। इस दौरान क्या विकास किया गया। टैक्स के रूप में आने वाले पैसे का उपयोग किस तरह से किया गया, यह उजागर होना चाहिए।

प्रशासक राज के कार्यों पर हो श्वेत पत्रिका

महाकालकर ने कहा कि 4 वर्षों तक प्रशासक राज और उससे पहले 3 वर्ष तक कोरोना की स्थिति के कारण शहर के विकास को पूरी तरह से रोक दिया गया। चूंकि अब मनपा में सत्ता स्थापित हो चुकी है, ऐसे में सर्वप्रथम प्रशासक राज के 4 वर्षों के लेखा-जोखा के साथ श्वेत पत्रिका जारी करने की मांग की जाएगी।

इससे सत्ता पक्ष को भी पता चलेगा कि प्रशासक राज में किन विकास कार्यों पर खर्च किया गया और भविष्य में किन विकास कार्यों को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि वर्षों पूर्व सिटी में 24 बाय 7 योजना शुरू की गई किंतु यह पूरी होती दिखाई नहीं देती है। यदि कम्पनी से नहीं हो रहा हो, तो मनपा स्वयं इसे पूरा करें।

कचरा संकलन कम्पनियों को बदलना जरूरी

संजय महाकालकर ने कहा कि कचरा संकलन कम्पनियों की कारगुजारियों को लेकर विधायक विकास ठाकरे ने भी भ्रष्टाचार उजागर किया था। यहां तक कि पूर्व पार्षदों द्वारा आवाज उठाए जाने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इन कम्पनियों को बदलने के निर्देश दिए हैं। जोनल स्तर पर अलग-अलग कम्पनियों की नियुक्ति होनी है, जिसके लिए महापौर और सत्ता पक्ष नेता को पहल करनी चाहिए। जनता से जुड़े इन मुद्दों पर विरोधी पक्ष भी सहयोग करेगा।

लाइसेंस धारक हॉकर्स की तुरंत व्यवस्था करे मनपा

महाकालकर ने कहा कि महानगर पालिका के अतिक्रमण उन्मूलन दस्ते की ओर से केवल बर्डी मेन रोड पर कार्रवाई की जाती है। यह मामला हाई कोर्ट में लंबित होने के बाद भी कार्रवाई होना, समझ से परे है। लाइसेंस धारक हॉकर्स की पहले व्यवस्था की जानी चाहिए।

इन हॉकर्स को बेरोजगार किया जा रहा है। केवल बर्डी मेन रोड पर कार्रवाई करने का अधिकारियों का क्या उद्देश्य है, यह समझ से परे है। मनपा की सभा में इन मुद्दों को उठाकर प्रशासन से जवाब मांगा जाएगा।

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