- Hindi News »
- Maharashtra »
- Nagpur »
- Medical Admissions Second Round Medical Courses Still Ongoing After 5 Months
मेडिकल एडमिशन किसी सिरदर्द से कम नहीं, 5 महीने बाद भी सेकंड राउंड तक वैद्यकीय कोर्स की प्रक्रिया
Medical Courses: महाराष्ट्र में अब तक एमबीबीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस आदि पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। केवल 2 ही राउंड हुए हैं। मेडिकल प्रवेश सिरदर्द से कम नहीं रह गया है।
- Written By: प्रिया जैस

मेडिकल प्रवेश (AI Generated Photo)
Medical Admissions: एमबीबीएस, बीडीएस सहित अन्य समकक्ष पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए छात्रों को कठिन परिश्रम के दौर से गुजरना पड़ता है। 11वीं से ही छात्र तैयारी में जुट जाते हैं। वहीं कई छात्र पहले प्रयास में सफल नहीं होने पर दूसरे और तीसरे प्रयास में सफलता हासिल करते हैं। तैयारी में लगने वाला लंबा समय तो सहन हो जाता है लेकिन ‘नीट’ के बाद प्रवेश प्रक्रिया का इंतजार छात्रों सहित अभिभावकों के लिए दिल की धड़कन बढ़ाने वाला है।
राज्य में अब तक एमबीबीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस आदि पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। केवल 2 ही राउंड हुए हैं।महाराष्ट्र में एमबीबीएस सहित महाराष्ट्र हेल्थ यूनिवर्सिटी से संलग्नित महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग में आम तौर पर 4 चरण होते हैं। पहला राउंड, दूसरा राउंड, मॉप-अप राउंड और एक स्ट्रे वैकेंसी (रिक्त) राउंड जो राज्य के सीईटी सेल द्वारा आयोजित किया जाता है।
इन चरणों में ऑनलाइन पंजीकरण, दस्तावेज सत्यापन, कॉलेज और पाठ्यक्रम के लिए वेब विकल्पों का उपयोग और नीट रैंक के आधार पर सीट आवंटन शामिल होता है। अब तक 2 ही राउंड पूरे हुए हैं, जबकि 2 और राउंड बाकी हैं। यानी फिजियोथेरेपी के छात्रों को प्रवेश के लिए दिसंबर अंत तक प्रतीक्षा करनी पड़ेगी क्योंकि फिजियोथेरेपी का केवल एक ही राउंड पूरा हुआ है।
सम्बंधित ख़बरें
नालासोपारा में मनपा की बड़ी कार्रवाई: अचोले क्षेत्र से 1200 किलो प्लास्टिक जब्त, 5 हजार का जुर्माना
प्रकाश आंबेडकर के हाथों से जाएगा बंगला? पात्रता पर उठे सवाल, हाई कोर्ट ने MHADA को दिए जांच के आदेश
छात्रों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम, ठाणे के सैकड़ों स्कूलों में लगाए जा रहे सीसीटीवी कैमरे
टी20 जीत के जश्न के बीच बांद्रा के अपार्टमेंट में लगी आग, मची अफरा-तफरी, एक रॉकेट ने सुलगा दी आग
नवंबर-दिसंबर तक होंगे पूरे
नीट परीक्षा मई के पहले सप्ताह में ली गई थी। यानी पिछले 5 महीनों से छात्र प्रवेश प्रक्रिया के पूर्ण होने की प्रतीक्षा ही कर रहे हैं। हालांकि दो राउंड पूरे होने के बाद अनेक छात्र-अभिभावकों ने राहत की सांस ली है लेकिन कम अंक वाले छात्र अभी भी प्रवेश की प्रतीक्षा में हैं। प्रक्रिया में देरी की मुख्य वजह विविध तरह की काउंसलिंग द्वारा मान्यता, निरीक्षण आदि हैं। भले ही विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम संचालित करता है लेकिन प्रवेश प्रक्रिया किसी अन्य एजेंसी और सीटों को मान्यता किसी अन्य प्राधिकरण द्वारा दी जाती है। इस प्रक्रिया के अलावा कई बार कोर्ट में मामले प्रलंबित होने के कारण भी प्रवेश में देरी होती है।
यह भी पढ़ें – Alert! नागपुर में ‘जुकाम’ से 15 से ज्यादा बच्चों की मौत, जांच के लिए पुणे की लैब में भेजे गए नमूने
वैद्यकीय पाठ्यक्रमों में प्रवेश स्टेट का मैटर है। मेडिकल के लिए राज्य की अपनी प्रवेश परीक्षा होनी चाहिए। वैसे भी राज्य की प्रवेश परीक्षा में 85 फीसदी कोटा राज्य और 15 फीसदी आल इंडिया के लिए होता है। इस हालत में नीट की बजाय राज्य द्वारा प्रवेश परीक्षा ली गई तो प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी। प्रक्रिया की समयावधि अधिक होने से छात्र परेशान हो जाते हैं। छात्रों व पालकों की मानसिकता को समझना आवश्यक है।
– डॉ. समीर फाले, डायरेक्टर, डॉ. फाले मेडिकल
नीट के लिए छात्रों की तैयारी
नीट के लिए छात्रों को 2 से अधिक वर्ष तक तैयारी करनी पड़ती है। पश्चात परीक्षा का भी प्रेशर होता है। नीट का परिणाम घोषित होने के बाद लंबी चलने वाली प्रवेश प्रक्रिया बेहद परेशान करती है। जब तक अंतिम राउंड नहीं हो जाता प्रवेश के इच्छुक छात्रों सहित पालकों में बेचैनी होती है। नीट परीक्षा से लेकर प्रवेश के अंतिम राउंड तक करीब 8 महीने का समय लग जाता है। इस कालावधि को कम करने की दिशा में विविध प्राधिकरणों द्वारा प्रयास किए जाने चाहिए।
– डॉ. सुयश धावणे, महासचिव, सेंट्रल मार्ड
Medical admissions second round medical courses still ongoing after 5 months
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
नालासोपारा में मनपा की बड़ी कार्रवाई: अचोले क्षेत्र से 1200 किलो प्लास्टिक जब्त, 5 हजार का जुर्माना
Mar 09, 2026 | 10:16 AMप्रकाश आंबेडकर के हाथों से जाएगा बंगला? पात्रता पर उठे सवाल, हाई कोर्ट ने MHADA को दिए जांच के आदेश
Mar 09, 2026 | 10:15 AMGold-Silver Rate Today: निवेशकों को दोहरी मार, शेयर बाजार के साथ सोने-चांदी भी धड़ाम, चेक करें लेटेस्ट रेट
Mar 09, 2026 | 10:05 AMछात्रों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम, ठाणे के सैकड़ों स्कूलों में लगाए जा रहे सीसीटीवी कैमरे
Mar 09, 2026 | 10:00 AMटी20 जीत के जश्न के बीच बांद्रा के अपार्टमेंट में लगी आग, मची अफरा-तफरी, एक रॉकेट ने सुलगा दी आग
Mar 09, 2026 | 09:57 AMBreakfast Ideas: बिना गैस जलाए मिनटों में बनाएं ये 5 टेस्टी ब्रेकफास्ट रेसिपी, दिनभर रहेंगे एनर्जेटिक
Mar 09, 2026 | 09:56 AMसुनेत्रा पवार ने रोकी जय की सनसनीखेज प्रेस कॉन्फ्रेंस! NCP में मची उथल-पुथल, इस्तीफों की लगी झड़ी
Mar 09, 2026 | 09:45 AMवीडियो गैलरी

ममता बनर्जी पर जमकर गरजे गिरिराज सिंह, कहा- उन्हें रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुस्लिमों की ज्यादा चिंता
Mar 08, 2026 | 10:29 PM
UTS ऐप हुआ बंद, रेलवे स्टेशन पर टिकट को लेकर छिड़ी जंग; विरार में महिला और TTE के बीच हुई तीखी नोकझोंक- VIDEO
Mar 08, 2026 | 10:11 PM
‘सत्ता का अहंकार जल्द होगा चूर-चूर’, राष्ट्रपति मुर्मू के अपमान पर भड़के PM मोदी; TMC को दी चेतावनी- VIDEO
Mar 08, 2026 | 09:55 PM
JDU में ‘निशांत युग’ का आगाज! भावी उत्तराधिकारी की तरह हुआ स्वागत, पिता के राज्यसभा जाने पर दिया बड़ा बयान
Mar 08, 2026 | 09:44 PM
गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा में मोदी-योगी पर भड़के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, बोले- असली और नकली नेताओं..
Mar 08, 2026 | 02:15 PM
ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमले को लेकर भड़के ओवैसी, मोदी सरकार की चुप्पी पर साधा निशाना
Mar 08, 2026 | 02:04 PM










