बायोटेक का केंद्र बनेगा महाराष्ट्र, सरकार का अब तक का सबसे बड़ा मेगा प्लान लॉन्च, दुनिया की होगी नजर
Maharashtra Life Sciences Hub: महाराष्ट्र सरकार राज्य को लाइफ साइंसेज और बायोफार्मा का अंतरराष्ट्रीय हब बनाने जा रही है। नया इनोवेशन व इनक्यूबेशन सेंटर 500+ स्टार्टअप्स और हजारों रोजगार देगा।
- Written By: प्रिया जैस
बायोटेक का केंद्र महाराष्ट्र (AI Generated Photo)
Biotechnology Incubation Centre: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य को जीवन विज्ञान (लाइफ साइंसेज) और बायोफार्मास्यूटिकल्स का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। हाल ही में इसको लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एवं उपमुख्यमंत्री अजित पवार और शिंदे ने संयुक्त रूप से ‘महाराष्ट्र लाइफ साइंसेज इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर’ की स्थापना की घोषणा की। यह केंद्र देश का सबसे बड़ा और विश्वस्तरीय बायोटेक इनक्यूबेशन हब होगा।
अगले 5 वर्षों का लक्ष्य
- $ 1 से 2 बिलियन डॉलर (लगभग 8,500-17,000 करोड़ रुपये) का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करेगा।
- 25,000 से अधिक हाई-स्किल रोजगार सृजित करेगा।
- 500+ बायोटेक स्टार्टअप्स को जन्म देगा।
- भारत को एमआरएनए वैक्सीन, जीन थैरेपी एवं बायोसिमिलर्स में आत्मनिर्भर बनाएगा।
उद्योग जगत ने सराहा, वैज्ञानिकों में उत्साह
भारतीय फार्मास्यूटिकल अलायंस (आईपीए) के अध्यक्ष सुधीर वी. व्यास ने इसे गेम चेंजर बताया। बायोकॉन की किरण मजूमदार-शॉ ने ट्वीट कर कहा, “महाराष्ट्र अब बेंगलुरु को भी पीछे छोड़ सकता है। यह भारत के बायोटेक ड्रीम का नया इंजन बनेगा। महाराष्ट्र अब सिर्फ दवाएं नहीं बनाएगा, बल्कि नई दवाएं और नई तकनीकें भी पैदा करेगा। यह घोषणा भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के सपने में एक और मजबूत ईंट साबित हो सकती है।
कहां बनेगा यह मेगा हब ?
- हिन्जवाड़ी-राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क (पुणे) का विस्तार
- नवी मुंबई में प्रस्तावित थर्ड एयरपोर्ट के निकट बायोटेक-SEZ
- औरंगाबाद के चिखलथाना औद्योगिक क्षेत्र का नया बायोटेक कॉरिडोर
- अंतिम स्थान का चयन दिसंबर 2025 तक हो जाएगा, निर्माण कार्य 2026 के मध्य से शुरू होने की संभावना है और 2028 तक पहला चरण चालू हो जाएगा।
नए केंद्र में होगी विश्वस्तरीय अत्याधुनिक सुविधाएं
- जीएमपी एवं जीएलपी प्रमाणित लैबोरेट्रीज
- बायोसेफ्टी लेवल-3 (BSL-3) प्रयोगशालाएं
- जीन एडिटिंग, सेल थैरेपी, एमआरएनए टेक्नोलॉजी एवं सिंथेटिक बायोलॉजी के लिए विशेष प्लेटफॉर्म
- क्लीनिकल ट्रायल कोऑर्डिनेशन यूनिट
- 500 से अधिक स्टार्टअप्स के लिए प्लग-एड-प्ले इनक्यूबेशन स्पेस
- 100 करोड़ रुपये तक का सरकारी सीड फंड एवं वेंचर कैपिटल से जुड़ाव
- टॉप-20 वैश्विक फार्मा कंपनियों एवं IIT, IISc, CSIR लैब्स के साथ रणनीतिक साझेदारी
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महाराष्ट्र के मौजूदा मजबूत किले
32% उत्पादन भारत के कुल फार्मास्यूटिकल में
35% निर्यात का देश के फार्मा का (लगभग 10।5 बिलियन डॉलर प्रतिवर्ष)
40% से अधिक जेनेरिक दवाएं
50% से अधिक वैक्सीन
औरंगाबाद, पुणे, नाशिक, नागपुर एवं मुंबई में 800 से अधिक USFDA-अप्रूव्ड प्लांट
- नवभारत लाइव के लिए नागपुर से अमित शामडीवाल की रिपोर्ट
