Gold Rate: सोने के आगे फीकी पड़ी हीरे की चमक, डायमंड एक्सपोर्ट पड़ा ठप! ट्रंप पॉलिसी का दिखा असर

Gold and Diamond Market: शादी सीजन में सोने की मांग रिकॉर्ड स्तर पर, कीमतें 60% बढ़ने के बाद भी गोल्ड ज्वेलरी की धूम। रीसेल वैल्यू और निवेश भरोसे से डायमंड की चमक फीकी।
Gold and Diamond Market: शादी सीजन में सोने की मांग रिकॉर्ड स्तर पर, कीमतें 60% बढ़ने के बाद भी गोल्ड ज्वेलरी की धूम। रीसेल वैल्यू और निवेश भरोसे से डायमंड की चमक फीकी।
सोना-डायमंड रेट (डिजाइन फोटो)
Published on
Updated on

Gold-Diamond Rate: महंगा होने के बावजूद भी शादी के सीजन में एक बार फिर सोना अपनी तेज चमक बिखेर रहा है। पीली धातु की मांग इस सीजन में इतनी तेज निकल रही है कि इसके सामने हीरे के आभूषणों की चमक भी फीकी पड़ गई है। दिलचस्प बात है कि इस बार सोने के आभूषणों की यह तेज डिमांड इस तथ्य के बाद भी है कि 2025 में सोने की कीमतों में अभूतपूर्व तेजी आई है।

ज्वेलर्स का कहना है कि इस शादी के सीजन में 22, 24 और यहां तक कि 18 कैरेट सोने की ज्वेलरी की बहुत ज्यादा डिमांड है क्योंकि कई युवा जोड़े और उनके परिवार बारीक डिजाइन और जड़े हुए पीस की सुंदरता और खूबसूरती की बजाय इन्वेस्टमेंट और रीसेल वैल्यू के कारण इन्हें पसंद करते हैं।

22 कैरेट लाइटवेट और 24 कैरेट का अच्छा परफॉर्म

लोंदे ज्वेलर्स के संचालक राजेश लोंदे कहते हैं कि इस शादी के सीजन में हम अच्छी बॉस्केट साइज देख रहे हैं जिसे पॉजिटिव खरीदारी से सपोर्ट मिला है। मास सेगमेंट में 22 कैरेट लाइटवेट और 24 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी खास तौर पर अच्छा परफॉर्म कर रही हैं क्योंकि यह कीमत का ध्यान रखने वाले कस्टमर्स के लिए डिजाइन, वैल्यू और एक्सेसिबिलिटी का सही बैलेंस देती है। कैट को उम्मीद है कि इस सीजन में लाखों शादियां होंगी जो सोने के व्यापार के लिए अच्छा संकेत है। ग्राहक अपनी जरूरत अनुसार ज्वेलरी खरीद रहे हैं।

सोने की हल्की ज्वेलरी की सबसे अधिक डिमांड

रोकड़े ज्वेलर्स के संचालक राजेश रोकड़े का कहना है कि स्टडेड और भारी-भरकम डायमंड ज्वेलरी की जगह हल्की, प्लेन और कम मेकिंग चार्ज वाली 22 कैरेट, 24 कैरेट और यहां तक कि 18 कैरेट सोने के ज्वेलरी की धूम मची हुई है। इसका सबसे बड़ा कारण है सोने की कीमत में लगातार तेजी और शानदार रीसेल वैल्यू। ग्राहकों को लग रहा है हालिया वर्षों में सोने की कीमतें जैसे ऊपर गई हैं, आगे भी इस तरह की तेजी आ सकती है। - 60% से ज्यादा की उछलीं कीमतें - 77,100 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था जनवरी में सोना - 1,26,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया अभी - 18, 22 और 24 कैरेट ज्वेलरी बनी पसंद - 95-97% तक वैल्यू वापस मिलती है गोल्ड बेचने पर - 80-90% ही मिल पाती है डायमंड ज्वेलरी की वैल्यू

इस कारण सोने को अधिक पसंद कर रहे लोग

इस वर्ष की शुरुआत में यानी जनवरी 2025 में 10 ग्राम सोना 77,100 रुपए के भाव में मिल रहा था जो अब बढ़कर 1,26,700 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। यानी एक वर्ष से कम समय में सोने की कीमतों में 60% से ज्यादा की उछाल आया है।

इसके बावजूद ग्राहक सोना खरीद रहे हैं क्योंकि इसे बेचने पर 95-97% तक वैल्यू वापस मिल जाती है। वहीं डायमंड ज्वेलरी बेचने पर सिर्फ 80-90% ही मिल पाता है। इसके अलावा एक अन्य अहम कारण है कि पिछले एक साल में डायमंड के दाम में कोई खास बढ़ोतरी भी नहीं हुई है।

डायमंड एक्सपोर्ट पर पड़ा असर

ज्वेलर्स के अनुसार हीरे का अंतरराष्ट्रीय बाजार अभी कई कारणों से ठंडा पड़ा हुआ है। सबसे पहले तो दुनिया के 2 सबसे बड़े डायमंड बाजार अमेरिका और चीन में मांग कमजोर चल रही है। यह कीमतों पर सीधे असर डाल रहा है। इसके अलावा ट्रंप सरकार द्वारा 50% आयात शुल्क लगने से भारत के डायमंड एक्सपोर्ट पर असर पड़ा है।

इससे घरेलू बाजार में उपलब्धता बढ़ गई है। चीन में भी लोग महंगाई से बचने के लिए सोने को तरजीह दे रहे हैं। भारत में 1 कैरेट डायमंड अभी भी 1।75 लाख से 2.25 लाख रुपए तक है लेकिन कोई मूल्य वृद्धि नहीं दिखी है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com