आदित्य को एलओपी बनाने का ‘जुगाड़’? मंत्री शंभूराज के दावों को यूबीटी ने किया खारिज
Aditya Thackeray LOP Controversy: महाराष्ट्र शीतकालीन सत्र में आदित्य ठाकरे को विपक्ष का नेता बनाए जाने की अटकलों पर राजनीतिक घमासान मच गया है, जबकि यूबीटी ने इसे महायुति की फूट डालने की साजिश बताया।
- Written By: आंचल लोखंडे
आदित्य को एलओपी बनाने का ‘जुगाड़’?
Maharashtra Assembly News: महाराष्ट्र विधानमंडल का शीतकालीन सत्र सोमवार से नागपुर में शुरू हो गया है। सत्र शुरू होने से पहले ही सत्तारूढ़ महायुति ने एक राजनीतिक दांव चलकर विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (मविआ) के प्रमुख दल शिवसेना (यूबीटी) में मतभेद पैदा करने की कोशिश शुरू कर दी है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के मंत्री शंभूराज देसाई ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अपने विधायक पुत्र आदित्य ठाकरे को विधानसभा में विपक्ष का नेता (एलओपी) बनवाने के प्रयास में हैं और उनकी पार्टी की ओर से ऐसा प्रस्ताव आया है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अधिवेशन के दौरान उद्धव ठाकरे, आदित्य को एलओपी बनाए जाने के लिए उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि आदित्य ठाकरे ने इसे यूबीटी में फूट डालने की साजिश बताते हुए अफवाह करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मविआ ने विधानसभा में विपक्ष के नेता के लिए भास्कर जाधव के नाम का पत्र दिया है।
भास्कर जाधव के नाम की चर्चा
मौजूदा महायुति सरकार को लगभग एक वर्ष हो चुका है। बजट सत्र के दौरान ही मविआ ने सर्वसम्मति से यूबीटी के भास्कर जाधव को एलओपी बनाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन उनकी आक्रामक शैली को देखते हुए महायुति ने मंजूरी नहीं दी। अब शीतकालीन सत्र में विपक्ष फिर से इस मुद्दे को आक्रामकता के साथ उठा रहा है।
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महायुति नेताओं के बयान से गरमाया माहौल
एक ओर शंभूराज देसाई का बयान मविआ में हलचल पैदा कर गया, वहीं दूसरी ओर महायुति के अन्य नेता सहानुभूति का चेहरा दिखाकर भास्कर जाधव को भड़काने की कोशिश करते दिखाई दिए। उनका कहना है कि उद्धव, अपने पुत्र को अनुभव दिलाने और भविष्य के लिए तैयार करने के उद्देश्य से आदित्य को एलओपी बनवाना चाहते हैं। शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक निलेश राणे ने यहां तक कह दिया कि जब तक दोनों ठाकरे सदन में मौजूद हैं, भास्कर जाधव विपक्ष के नेता नहीं बन सकेंगे।
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‘ऑपरेशन टाइगर’ की फुसफुसाहट वापस
इस बीच एक होटल में भास्कर जाधव और शिंदे गुट के मंत्री प्रताप सरनाईक की मुलाकात का वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद ‘ऑपरेशन टाइगर’ की अटकलें फिर तेज हो गई हैं। सरनाईक ने सफाई दी कि यह केवल विधायक-कार्य से जुड़ी मुलाकात थी और इसे राजनीतिक साजिश के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
भास्कर जाधव का बड़ा बयान
(यूबीटी) विधायक भास्कर जाधव ने कहा कि “यदि सरकार आदित्य को विपक्ष के नेता का पद देने को तैयार है, तो मैं एक पल में अपनी कुर्बानी देने को तैयार हूं।”
