नागपुर से गोवा सिर्फ 8 घंटे में! शक्तिपीठ महामार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण तेज, 13 जिलों को जोड़ेगा हाईवे
Nagpur MSRDC Projects: नागपुर से गोवा को जोड़ने वाले 856 किमी लंबे शक्तिपीठ महामार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण तेज हो गया है। ₹1.01 लाख करोड़ की इस योजना से सफर 21 घंटे से घटकर 8 घंटे रह जाएगा।
- Written By: रूपम सिंह
शक्तिपीठ महामार्ग (फोटो- सोशल मीडिया)
Shaktipeeth Mahamarg MSRDC Projects: नागपुर और गोवा के बीच प्रस्तावित महत्वाकांक्षी ‘शक्तिपीठ महामार्ग’ के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया ने अब तेजी पकड़ ली है। राज्य सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी करने के बाद, महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम के लिए जमीन अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया है। योजना के अनुसार, इस वर्ष भूमि अधिग्रहण पूरा कर लिया जाएगा और अगले वर्ष से महामार्ग के निर्माण कार्य की शुरुआत करने का लक्ष्य रखा गया है।
विदर्भ को सीधे गोवा राज्य से जोड़ने वाला यह 856 किलोमीटर लंबा ‘एक्सेस-कंट्रोल्ड’ हाईवे वर्धा जिले के दिग्रज से सिंधुदुर्ग जिले के बांदा तक बनाया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 1 लाख 1 हजार करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। यह महामार्ग राज्य के 13 जिलों, 40 तहसीलों और 407 गांवों से होकर गुजरेगा।
राज्य सरकार द्वारा महामार्ग के संशोधित अलाइनमेंट (आराखडा) को मंजूरी दिए जाने के बाद अब भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही संशोधित मार्ग में आने वाले गांवों में संयुक्त माप की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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107 गांवों में संयुक्त माप प्रक्रिया पूरी
एमएसआरडीसी ने पुराने अलाइनमेंट मैं आने वाले 107 गांवों में संयुक्त माप प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब नए अलाइनमेंट के अनुसार बाकी गांवों में माप पूरी होने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एमएसआरडीसी की कोशिश है कि इस साल के अंत तक निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली जाए और अगले साल सड़क निर्माण शुरू कर दिया जाए।
इन 13 जिलों से गुजरेगा शक्तिपीठ महामार्गे
शक्तिपीठ महामार्ग वर्धा, हिंगोली, यवतमाल, नांदेड़, परभणी, बीड, लातूर, धाराशिव (उस्मानाबाद), सोलापुर, सांगली, सतारा, कोल्हापुर और सिंधुदुर्ग जिलों से होकर गुजरेगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को तेज और आधुनिक सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है।
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परियोजना की मुख्य विशेषताएं
- समय की बचत: नागपुर से गोवा के बीच का सफर अब 21 घंटे के बजाय 8 घंटे में पूरा होगा।
- क्षेत्रीय संपर्क: यह महामार्ग 13 जिलों को आपस में जोड़ेगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
- धार्मिक पर्यटन और अर्थव्यवस्था: यह मार्ग कई प्रमुख धार्मिक स्थलों को आपस में जोड़ेगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
