विस्फोटक फैक्ट्रियों में थमेंगे हादसे! सरकार का बड़ा फैसला, इंसानों की जगह मशीनें संभालेंगी जोखिम भरा काम
Explosive Factories Safety Measures: एक्सप्लोसिव फैक्टरी की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सरकार ऑटोमेशन पर फोकस कर रही है। DPIIT ने सुरक्षा मानकों को सख्त किया है और पीईएसओ में भर्ती बढ़ाई जा रही है।
- Written By: आकाश मसने
DPIIT की संयुक्त सचिव डॉ. काजल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Security Measures In Explosive Factories: उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) विस्फोटक विनिर्माण प्रक्रियाओं में स्वचालन की दिशा में बढ़ने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, ताकि कामकाज को अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।
सुरक्षा और कारोबार सुगमता दोनों पर फोकस
नागपुर में पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) द्वारा किए गए सुधारों पर जागरूकता कार्यशाला के दौरान डीपीआईआईटी की संयुक्त सचिव डॉ. काजल ने बताया कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कार्यरत इस विभाग ने सुरक्षा को मजबूत करने और कारोबार सुगमता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण रेगुलेटरी सुधार किए हैं।
नागपुर में विस्फोटक इकाइयों में हुए हादसे के बाद बढ़ी सतर्कता
नागपुर जिले के काटोल तहसील स्थित एसबीएल एनर्जी की ‘डेटोनेटर असेम्बली यूनिट’ में मार्च में हुए विस्फोट में कम से कम 19 श्रमिकों की मौत हो गई थी और 23 घायल हुए थे। डॉ. काजल ने कहा कि डीपीआईआईटी और पीईएसओ ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
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पीईएसओ में बढ़ेगी अधिकारियों की संख्या
DPIIT की संयुक्त सचिव डॉ. काजल ने बताया कि DPIIT पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) में अधिकारियों की संख्या बढ़ाने के लिए हाल ही में अतिरिक्त पद स्वीकृत किए गए हैं, जिन पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
क्षमता निर्माण और जागरूकता पर भी ध्यान
डॉ. काजल ने कहा कि हम क्षमता निर्माण पर भी ध्यान देंगे ताकि लोग एसओपी को बेहतर ढंग से लागू कर सकें। हम कार्यशालाएं आयोजित करेंगे, ताकि इकाइयां नियमों एवं प्रक्रियाओं से अवगत रहें और उनका पालन करें।”
FDI और स्टार्टअप में सकारात्मक संकेत
भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 95 अरब डॉलर का अब तक का सर्वाधिक सकल एफडीआई प्रवाह दर्ज किया है जो निवेशकों का भारत के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण दर्शाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले वर्ष प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 100 अरब डॉलर के पार जा सकता है।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में डाॅ. काजल ने बताया कि ‘स्टार्टअप इंडिया‘ पहल के तहत 56 उद्योगों में 2.23 लाख से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी गई है। इस पहल से 23.36 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं और भारत के नवाचार तंत्र को मजबूती मिली है। औद्योगिक अवसंरचना विकास को गति देने के लिए डीपीआईआईटी ने ‘भारत औद्योगिक विकास योजना’ के तहत 33,660 करोड़ रुपये के परिव्यय से 100 निवेश-तैयार औद्योगिक पार्क विकसित करने का प्रस्ताव रखा है।
