

Devendra Fadnavis Teacher Adjustment: नागपुर कनिष्ठ महाविद्यालयों में शिक्षकों के अतिरिक्त पदों के चलते पैदा हुआ समायोजन का संकट फिलहाल टल गया है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए ऑनलाइन संच मान्यता के नए मानदंड लागू किए जाने से राज्य में करीब 10 से 12 हजार कनिष्ठ महाविद्यालयीन शिक्षकों के पद अतिरिक्त घोषित कर दिए गए थे।
इसके बाद शिक्षकों का समायोजन रह करने की मांग की गई थी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा इस मांग का संज्ञान लिए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने समायोजन रद्द करने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षक संगठनों के अनुसार पिछले करीब 50 वर्षों से कनिष्ठ महाविद्यालयों की संच मान्यता माध्यमिक शाला संहिता, संबंधित अधिनियम, 1977 व 1981 के सेवा शर्त नियम, शासन निर्णय तथा राज्य मंडल द्वारा निर्धारित मानदंडों के आधार पर की जाती रही है।
शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कोई नया शासन निर्णय, शासन परिपत्र, अधिसूचना अथवा मंत्रिमंडल का निर्णय जारी किए बिना संचालक कार्यालय स्तर पर तय किए गए नए मानदंडों के आधार पर ऑनलाइन संच मान्यता किए जाने का आरोप शिक्षक आघाड़ी ने लगाया।
इन नए मानदंडों के कारण विद्यार्थियों के अध्ययन, शिक्षकों के अध्यापन और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के लिए उपलब्ध समय कम होने की बात कही गई। इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद अतिरिक्त घोषित हुए और समायोजन का संकट पैदा हुआ।
इस मुद्दे को लेकर भाजपा शिक्षक आघाड़ी की ओर से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भेजा गया था। इसमें विज्ञान विषयों की प्रायोगिक कक्षाओं का बैच पूर्ववत 20 विद्यार्थियों को रखने, कनिष्ठ महाविद्यालयों में कक्षा अवधि पहले की तरह कायम रखने, मान्यताप्राप्त विषयों का क्लंबिंग नहीं करने तथा विद्यार्थी संख्या से संबंधित शर्तों के साथ पूर्व प्रचलित मानदंडों के आधार पर ही संच मान्यता करने की मांग की गई थी। इसके साथ ही शिक्षकों की कटौती और उससे पैदा होने वाला समायोजन रद्द करने की भी मांग की गई थी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दिए गए पत्र पर शिक्षा विभाग ने तत्काल संज्ञान लिया। शिक्षा आयुक्त ने राज्य के कनिष्ठ महाविद्यालयीन शिक्षको का समायोजन रद्द करने के मौखिक निर्देश दिए।
इसके बाद शिक्षा उपसंचालक, नागपुर विभाग ने समायोजन रद्द करने संबंधी पत्र जारी किया, इससे राज्य के करीब 10 से 12 हजार कनिष्ठ महाविद्यालयीन शिक्षकों को फिलहाल राहत मिली है।