

Nagpur Forest Department Action: नागपुर जिले के उमरेड-पवनी-करहंडला वन्यजीव अभयारण्य के गोठनगांव गेट के पास एफ-2 बाघिन और उसके 4 शावकों को सफारी वाहनों से घेरने के मामले में वन विभाग ने 12 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
इनमें 6 सफारी चालक और 6 गाइड शामिल हैं। विभाग ने सभी को 6 महीनों के लिए निलंबित कर दिया है। बीते वर्ष भी एफ-2 बाधिन और उसके शावकों का रास्ता रोके जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था।
उस दौरान 4 जिप्सी चालकों और 4 गाइडों को निलंबित किया गया था। विगत 27 सितंबर को सुबह करीब 7.45 बजे सफारी वाहनों ने एफ-2 बाधिन और उसके शावकों को घेर लिया था। इससे वन्यजीवों के मुक्त विचरण में बाधा पहुंची।
नागपुर जिले के उमरेड-पवनी-करहंडला वन्यजीव अभयारण्य के मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने कार्रवाई के आदेश जारी किए। इसके तहत संबंधित चालक और गाइड पर 1 अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 तक सफारी संचालन से जुड़ी गतिविधियों में रोक लगाई गई है। हालांकि कार्रवाई की जद में आए गाइड और सफारी चालकों ने पहले वन विभाग के आरोपों को खारिज करते हुए
खुद को निर्दोष बताया। पैच के उपसंचालक अक्षय गजभिये के अनुसार बाधिन को देखने के दौरान कर्मचारियों द्वारा चूक होने की बात कबूल की गई। पश्चात संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। सूत्रों के अनुसार संबंधित गाइड और चालकों समेत 12 से 15 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभयारण्य में पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और स्वच्छंद विचरण में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए गश्त बढ़ाने और सफारी चालकों व गाइडों के लिए सख्त दिशा-निर्देश लागू करने की तैयारी की जा रही है।