महाराष्ट्र उच्च शिक्षा विभाग में AI का होगा इस्तेमाल, राज्य सरकार ने तीन साल के लिए बनाई विशेषज्ञ समिति

Maharashtra AI Data Analytics: महाराष्ट्र के उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग में निर्णय प्रक्रिया को तेज करने के लिए एआई और डेटा विश्लेषण समिति का गठन किया गया है। यह समिति तीन वर्षों के लिए काम करेगी।
AI to be used in Maharashtra's Higher Education Department
एआई डेटा, प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
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Maharashtra Higher Technical Education AI Data Analytics: महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के कामकाज में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए ‘AI, डेटा एनालिटिक्स और डैशबोर्ड प्रशासन समिति’ का गठन किया है।

यह समिति तीन वर्ष तक काम करेगी और विभाग के अलग-अलग सूचना तंत्रों में उपलब्ध आंकड़ों को एकीकृत कर उनके आधार पर निर्णय प्रक्रिया विकसित करने में मार्गदर्शन देगी।

रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा डेटा का इस्तेमाल

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सहसचिव डॉ. श्रीकांत पुलकुंडवार के अनुसार, विभाग के डैशबोर्ड पोर्टल पर विद्यार्थी पंजीयन, परीक्षाओं, छात्रवृत्ति, विश्वविद्यालय संबद्धता, सार्वजनिक पुस्तकालयों और शोध पत्रिकाओं समेत कई तरह की जानकारी उपलब्ध है। अब इन आंकड़ों का इस्तेमाल केवल रिपोर्ट तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगा।

AI, मशीन लर्निंग, ऑटोमेशन, OCR, कंप्यूटर विजन, असामान्यता पहचान और पूर्वानुमानात्मक विश्लेषण जैसी तकनीकों के जरिए डेटा का उपयोग निर्णय लेने में किया जाएगा।

अलग-अलग सिस्टम का होगा एकीकरण

समिति विभिन्न सूचना प्रणालियों में उपलब्ध आंकड़ों के मानकीकरण, गुणवत्ता सुधार, सुरक्षित एकीकरण और आपसी अनुकूलता को बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन करेगी। अलग-अलग प्रणालियों को जोड़कर वरिष्ठ अधिकारियों को वास्तविक समय या लगभग वास्तविक समय में निर्णय लेने में सहायता उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

डेटा सुरक्षा और गोपनीयता पर जोर

AI के इस्तेमाल के दौरान पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवीय निगरानी के साथ डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और साइबर सुरक्षा के मानकों का पालन किया जाएगा। इसके लिए विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को AI तथा डेटा विश्लेषण का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

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तकनीकी सेवा प्रदाताओं की क्षमता का होगा मूल्यांकन

विभाग से जुड़े तकनीकी सेवा प्रदाताओं की क्षमता का भी आकलन किया जाएगा। समिति की बैठक कम से कम प्रत्येक तीन महीने में एक बार आयोजित होगी। जरूरत पड़ने पर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, तकनीकी संस्थानों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बैठक में शामिल किया जा सकेगा।

इस पहल के जरिए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में उपलब्ध बड़े पैमाने के डेटा को व्यवस्थित तरीके से इस्तेमाल कर प्रशासनिक निर्णयों को अधिक डेटा-आधारित बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

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