एडवांटेज विदर्भ (सौजन्य-नवभारत)
India-China Trade: भारत ने धड़ाधड़ दो बड़ी ट्रेड डील करके दुनिया में धमाका कर दिया है। यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ हुए इन समझौते के बाद भारत-चीन व्यापार घटने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। इस पर मुंबई में चीनी महावाणिज्य दूत किन जी ने कहा कि बाहरी फैक्टर्स से दोनों देशों के बीच व्यापार पर फर्क नहीं पड़ेगा।
दोनों देश बहुत बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं, जो बहुपक्षवाद और बहुपक्षीय व्यापार का समर्थन करते हैं। चीनी महावाणिज्य दूत नागपुर में ‘एडवांटेज विदर्भ 2026’ के तहत आयोजित ‘इंटरनेशनल बिजनेस कॉन्क्लेव’ के मौके पर बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हम ऐसे देश हैं जो बहुपक्षवाद, बहुपक्षीय व्यापार और बहुसांस्कृतिक आदान-प्रदान का समर्थन करते हैं। अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ भारत के समझौतों पर उनके विचारों के बारे में पूछने पर किन जी ने कहा, भारत यूरोपीय संघ या दुनिया के अन्य हिस्सों के साथ अपने संबंधों को तय करने के लिए आजाद है लेकिन भारत और चीन के बीच हमें सहयोग जारी रखना चाहिए, संबंधों को मजबूत करना चाहिए और कई क्षेत्रों में संचार बनाए रखना चाहिए।
यह पूछने पर कि क्या भारत को पड़ोसी देशों से अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति देने के लिए पुनर्विचार करना चाहिए, राजनयिक ने कहा कि उन्होंने ऐसी खबरें पढ़ी हैं, जिनमें संकेत दिया गया है कि भारत पहले ही कुछ बदलावों पर विचार कर रहा है। मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही सकारात्मक और अच्छा कदम है क्योंकि हमें अपने निवेशकों, हमारे (चीन-भारत) व्यापारिक समुदायों को एक साथ आने की जरूरत है।
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हमें संस्कृति, शिक्षा और कलात्मक संचार जैसे विभिन्न क्षेत्रों में बहुत अधिक सहयोग की आवश्यकता है। भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों की संस्थाओं से आने वाले सभी एफडीआई के लिए सरकार की पूर्व अनुमति जरूरी है। महावाणिज्य दूत ने कहा कि चीन भारत के साथ आपसी संबंधों, द्विपक्षीय आदान-प्रदान और मित्रता की उम्मीद करता है।
केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एडवांटेज विदर्भ में हुईं ऐतिहासिक साझेदारियों को संभव बनाने के लिए औद्योगिक साझेदार और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दिल से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह पर हो रही साझेदारी से 6,000 से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
बुनियादी ढांचे के विस्तार में तेजी आएगी और क्षेत्रीय आपूर्ति शृंखला को मजबूत मिलेगी, जो विदर्भ में स्वच्छ ऊर्जा नेतृत्व, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और विश्वस्तरीय शहरी स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक निर्णायक कदम है।