टैक्सी के नाम पर हो रहे अवैध यात्री परिवहन पर कड़ी कार्रवाई हो, अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने की मांग
Illegal Taxi Transpor: नागपुर में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने RTO और ट्रैफिक पुलिस से अवैध टैक्सी और निजी वाहनों द्वारा यात्री परिवहन कर की जा रही मनमानी वसूली पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
- Written By: आंचल लोखंडे
Grahak Panchayat:अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nagpur RTO: प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (RTO) की अनुमति के बिना और किसी प्रकार का अधिकृत दरपत्रक तय न होने के बावजूद अवैध रूप से यात्री परिवहन कर यात्रियों से मनमानी वसूली करने वाले व्यावसायिक और निजी वाहन मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। यह मांग अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य गजानन पांडे ने RTO और यातायात पुलिस प्रशासन से की है।
उन्होंने कहा कि टैक्सी के रूप में पंजीकृत कारों के अलावा अन्य निजी कारों से भी व्यावसायिक रूप से यात्रियों को ढोया जा रहा है, जबकि प्रादेशिक परिवहन कार्यालय द्वारा इनके लिए कोई दरपत्रक निर्धारित नहीं किया गया है। इसके बावजूद वाहन मालिक यात्रियों से 13 से 16 रुपये प्रति किलोमीटर तक किराया वसूल रहे हैं और न्यूनतम 300 किलोमीटर यात्रा की अनिवार्य शर्त थोप रहे हैं। पूर्व में यह शर्त 200 किलोमीटर तक सीमित थी, जिसे अब मनमाने ढंग से बढ़ा दिया गया है।
प्रशासन का भय ही नहीं रहा
पांडे ने कहा कि प्रशासन का कोई भय न होने के कारण ये वाहन मालिक खुलेआम नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध यात्री परिवहन का व्यवसाय चला रहे हैं और यात्रियों की आर्थिक लूट कर रहे हैं। इस गंभीर स्थिति की ओर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने अपने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है।
सम्बंधित ख़बरें
ST महामंडल के 11 अधिकारियों का तत्काल निलंबन, कार्य में गंभीर अनियमितताएं और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई
Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र में अगले 4 दिन होगी आफत की भारी बारिश! इन जिलों में अलर्ट जारी
वो शरणार्थी नहीं, धर्म के योद्धा थे! भारत-पाक विभाजन पर बोले RSS चीफ मोहन भागवत, सिंधी समाज को लेकर कही ये बात
कोटेदारों ने की मुख्य सचिव से शिकायत, सड़े गले चावल कैसे बांटे साहब, इसे जानवर ही खा सकते हैं, गरीब लोग नहीं
ज्ञापन सौंपकर की मांग
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रादेशिक परिवहन विभाग द्वारा एंबुलेंस के लिए दरपत्रक जारी किया गया है, लेकिन व्यवहार में उसका पालन नहीं किया जाता। यह मरीजों के परिजनों का अनुभव है। इसी प्रकार शहर में ऑटो रिक्शा के लिए मीटर प्रणाली और दरपत्रक निर्धारित होने के बावजूद अधिकांश ऑटो मीटर से नहीं चलते और इस पर भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, जो यात्रियों का आम अनुभव है।
ये भी पढ़े: मीरा-भाईंदर की सियासत में बड़ा उलटफेर, महायुति से बाहर हुई राकांपा (अजित), अकेले चुनाव का ऐलान
सभी गतिविधियां अवैध
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने बताया कि जब इस संबंध में RTO अधिकारियों से जानकारी ली गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी वाहनों को व्यावसायिक यात्री परिवहन की कोई अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में यह पूरी गतिविधि पूरी तरह अवैध है। इसके बावजूद अब तक कार्रवाई न होना संदेह पैदा करता है और साठगांठ की आशंका भी जताई गई है।
RTO और ट्रैफिक पुलिस पर फूटा आक्रोश
पंचायत ने मांग की है कि नियमों के अनुसार RTO की अनुमति लेकर, एंबुलेंस और ऑटो की तरह प्रति किलोमीटर दरपत्रक तय किया जाए और किसी भी प्रकार की न्यूनतम दूरी की बाध्यता न लगाई जाए। साथ ही अवैध रूप से व्यावसायिक यात्री परिवहन कर यात्रियों की लूट करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस मांग पत्र पर गजानन पांडे, एडवोकेट स्मिता देशपांडे, धर्माधिकारी, शिरोले सहित ग्राहक पंचायत की कार्यकारिणी और अन्य सदस्यों के हस्ताक्षर हैं।
