नागपुर पेपर लीक: प्रिंसिपल और टीचर गिरफ्तार; अब ‘रनर’ की लाइव लोकेशन ट्रैक करेगा बोर्ड
Nagpur Paper Leak Update: नागपुर में 12वीं के PCM पेपर लीक मामले में मुख्याध्यापक और शिक्षक गिरफ्तार। बोर्ड ने अब रनर की लाइव ट्रैकिंग और वीडियो शूटिंग अनिवार्य की है।
- Written By: अनिल सिंह
Nagpur Paper Leak Update (फोटो क्रेडिट-X)
Paper Leak Update: नागपुर में 12वीं बोर्ड की परीक्षा के दौरान फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) जैसे महत्वपूर्ण विषयों के पेपर लीक होने से शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने एक स्कूल के मुख्याध्यापक (Principal) और एक शिक्षक को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि पेपर लीक करने में ‘रनर’ (प्रश्नपत्र पहुँचाने वाला दूत) की भूमिका संदिग्ध है।
इस घटना के बाद महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड पूरी तरह से ‘अलर्ट मोड’ पर आ गया है। बोर्ड ने इस पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं और भविष्य में होने वाली परीक्षाओं के लिए नियमों को और कड़ा कर दिया है।
‘घर का भेदी’ और रनर पर गहराया शक
बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, प्रश्नपत्रों को कस्टोडियन (रक्षक) से परीक्षा केंद्रों तक पहुँचाने की जिम्मेदारी ‘रनर’ की होती है। वर्तमान नियमों में रनर के चयन के लिए कोई कड़े मापदंड नहीं थे, जिसका फायदा उठाकर मिलीभगत से पेपर लीक किया गया। नागपुर पुलिस को जांच में पता चला है कि गिरफ्तार मुख्याध्यापक ने प्राथमिक शिक्षकों की मदद से योजनाबद्ध तरीके से पेपर फोड़ा था। अब बोर्ड उस ‘घर के भेदी’ की तलाश कर रहा है जिसने इस पूरी प्रक्रिया में सेंध लगाई और गोपनीयता भंग की।
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कस्टोडियन और केंद्र प्रमुखों की आपात बैठक
पेपर लीक की घटना से हुई फजीहत के बाद बोर्ड ने शनिवार (28 फरवरी) को सभी कस्टोडियन और परीक्षा केंद्र संचालकों की एक आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शक बनाने के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अब प्रश्नपत्रों के परिवहन से लेकर केंद्र पर लिफाफा खोलने तक की पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा प्रणाली में किए गए 3 बड़े बदलाव
शेष पेपरों के दौरान ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए बोर्ड ने तत्काल प्रभाव से निम्नलिखित बदलाव लागू किए हैं:
लाइव लोकेशन ट्रैकिंग: कस्टोडियन से केंद्र तक प्रश्नपत्र ले जाने वाले ‘रनर’ का अब अनिवार्य रूप से लाइव लोकेशन ट्रैक किया जाएगा।
अनिवार्य वीडियो शूटिंग: केंद्र पर प्रश्नपत्रों का लिफाफा खोलते समय अब पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग करना अनिवार्य होगा।
डिजिटल रसीद: प्रश्नपत्र सौंपते समय और प्राप्त करते समय डिजिटल साक्ष्य और समय की सटीकता सुनिश्चित की जाएगी।
