संभाजीनगर: स्टार्टअप व सरकारी लोन के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी, कंसल्टेंसी फर्म के मैनेजर पर केस दर्ज
Sambhajinagar Fraud Case: संभाजीनगर में सिंडीकेट कंसल्टेंसी के मैनेजर अमोल बोर्डे पर स्टार्टअप फंडिंग और सरकारी योजनाओं का झांसा देकर 23 ग्राहकों से ₹6.65 लाख की धोखाधड़ी का केस दर्ज।
- Written By: रूपम सिंह
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Sambhajinagar Startup Loan Fraud Case: छत्रपति संभाजीनगर स्टार्टअप प्रोजेक्ट, फंडिंग व विभिन्न सरकारी योजनाओं में लाभ दिलाने का झांसा देकर ग्राहकों से लाखों रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। कंसल्टेंसी फर्म के सर्विस मैनेजर पर 6 लाख 65 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है। एमआईडीसी सिडको पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया, आरोपी अमोल बोर्डे, प्रोझोन मॉल स्थित सिंडीकेट कंसलटेंट एंड एसोसिएट्स में कार्यरत था।
कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर महेश डोंगरे ने दर्ज कराई शिकायत के अनुसार, सितंबर 2024 से बोर्ड ग्राहकों के साथ समन्वय, बैंक प्रस्ताव तैयार करना, दस्तावेजों की पूर्ति तथा विभिन्न परियोजनाओं की जिम्मेदारी संभाल रहा था। हालांकि नवंबर 2025 से उसने बिना किसी सूचना के कार्यालय आना बंद कर दिया।
इसके बाद ग्राहकों की शिकायतों से कथित वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने रोहन पवार, राजेश गांगुर्डे, कृष्णा भुजबल, जय ठाकरे, शुभम घोरपड़े, प्रद्युम्न मोहानी, वर्षा पवार, विजय पठाड़े, नवनाथ वाघमारे, संदीप कवकर समेत कुल 23 ग्राहकों से रकम वसूली।
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यूपीआई माध्यमों से दिए पैसे
ग्राहकों ने कंपनी को दिए लिखित बयानों में बताया कि उन्होंने यूपीआई माध्यमों से बोर्ड के व्यक्तिगत खातों में पैसे जमा किए। विजय से सबसे अधिक 1 लाख 59 हजार 700, कृष्णा से 1 लाख 14 हजार 350, नवनाथ से 78 हजार 600 रुपये व वर्षा से 60 हजार रुपये लेने का आरोप है। कंपनी का कहना है कि सभी वित्तीय लेन-देन केवल कंपनी के अधिकृत बैंक खातों के माध्यम से किए जाते हैं।
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इसके बावजूद आरोपी ने अपने खातों में पैसे जमा कराए, प्रोजेक्ट स्वीकृत कराने व विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया गया। कुछ को कथित रूप से फर्जी प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई गई व कंपनी की गोपनीय जानकारी साझा की गई। मामले की जांच उपनिरीक्षक लखनसिंग पचलोरे कर रहे हैं।
