नागपुर में 500+ आवासीय इमारतों का व्यावसायिक इस्तेमाल, आग की घटनाओं ने खोली पोल
Nagpur Fire Safety: लगातार आग की घटनाओं के बाद नागपुर में 500 से अधिक ऐसी बहुमंजिला इमारतें सामने आई हैं जिन्हें आवासीय मंजूरी मिली, लेकिन उनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर, बहुमंजिला इमारतें, अग्नि सुरक्षा,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Fire Safety Building Violations: नागपुर सिटी में गत कुछ दिनों से लगातार ऊंची इमारतों में आग की घटनाएं उजागर हो रही हैं। हालांकि समय पर पहुंचकर अग्निशमन विभाग की ओर से अनहोनी होने से पहले आग पर काबू तो पाया जा रहा है किंतु कार्रवाई के बाद इमारतों के दुरुपयोग के बड़े खुलासे हो रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महानगरपालिका के 10 जोन अंतर्गत अलग-अलग हिस्सों में ऐसी 500 से अधिक बहुमंजिला इमारतें हैं जिनका आवासीय उपयोग के लिए नक्शा मंजूर किया गया है किंतु इनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है।
इस संदर्भ में अग्निशमन विभाग का मानना है कि उनका काम आग बुझाने या मंजूर नक्शों के अनुसार अग्निरोधक सिस्टम लगाया गया या नहीं, इसकी जांच करना है। आवासीय इमारतों के लिए अग्निरोधक उपकरण लगाने के नियम अलग हैं, जबकि बहुमंजिला व्यावसायिक इमारतों में उपकरण का कानून कड़ा है।
सहायक आयुक्तों को है अधिकार
मनपा के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार भले ही इमारतों में अग्निशमन कानून के तहत अग्निरोधक उपकरण लगे हों किंतु यदि इमारत का नक्शा मंजूर न हो या फिर नक्शा किसी अन्य उपयोग के लिए मंजूर है और इमारत का उपयोग अलग हो रहा है तो मामला उजागर होने के बाद जोन के सहायक आयुक्तों को कार्रवाई का पूरा अधिकार है। मनपा की कार्यप्रणाली स्पष्ट होने के कारण सिटी में इस तरह की 500 से अधिक इमारतें हैं जिनका दुरुपयोग हो रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र में SIR सत्यापन की तारीख बढ़ी, अब 17 अगस्त तक BLO करेंगे जांच, इस दिन आएगी फाइनल वोटर लिस्ट
गूंगी गुड़िया हैं सुनेत्रा पवार, हर्षवर्धन सपकाल का विवादित बयान; महाराष्ट्र में छिड़ा सियासी घमासान
पुलिस को बताया तो जान से मार दूंगी.. 9 महीने के मासूम के मुंह में डाला फेविक्विक, पारिवारिक झगड़े का लिया बदला
MMRDA मेट्रो नेटवर्क का नया कीर्तिमान, 30 करोड़ का आंकड़ा पार, रोजाना सफर कर रहे 2.79 लाख यात्री
यह भी पढ़ें:- Maharashtra MLC Election: महाराष्ट्र में 11 सीटों पर मतदान आज, 22 को आएंगे नतीजे, महायुति 6 पर निर्विरोध जीतीं
इस संदर्भ में सभी 10 जोन के सहायक आयुक्तों को अग्निशमन विभाग की ओर से सूचना पत्र जारी किया जा चुका है किंतु आश्चर्यजनक यह है कि इन 500 में से किसी भी इमारत के खिलाफ सहायक आयुक्तों ने कार्रवाई नहीं की है, जबकि अग्निशमन विभाग की ओर से नियमों का उल्लंघन होने पर इमारत को सील करने की प्रक्रिया पूरी की गई है।
रेस्टोरेंट, कोचिंग सेंटर और अस्पताल भी शामिल
विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इन 500 इमारतों में केवल ऑफिस का उपयोग नहीं हो रहा है बल्कि रेस्टोरेंट, कोचिंग सेंटर और अस्पताल भी संचालित हो रहे हैं जहां पर आम तौर पर लोगों का आना-जाना लगा रहता है।
कुछ समय पहले अस्पतालों में आग की घटनाएं उजागर हो रही थीं। यहां तक कि रेस्टोरेंट में भी आग की घटनाएं उजागर हुई हैं। इसी तरह से बेसा में एक बड़े कोचिंग सेंटर द्वारा इसी तरह से इमारत का दुरुपयोग होने का मामला उजगार हुआ है।
महापौर भी जता चुकी हैं नाराजगी
बताया जाता है कि इस तरह से इमारतों के दुरुपयोग और आग की घटनाओं को लेकर कुछ दिनों पहले महापौर की ओर से संज्ञान लिया गया था। बैठक के दौरान महापौर ने नाराजगी जताते हुए इन इमारतों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा था।
चूंकि यह बैठक अग्निशमन विभाग को लेकर थी, ऐसे में विभाग के अधिकारियों ने नियमों के अनुसार उनका अधिकार क्षेत्र सीमित होने का हवाला दिया था। अधिकारियों का मानना है कि नक्शा मंजूर करने वाले नगर रचना विभाग की ओर से भी कई इमारतों का नक्शा ही नहीं होने की सूचना जोनल कार्यालयों को दी गई है। इसके बावजूद सहायक आयुक्तों द्वारा कार्रवाई नहीं हो रही है।
