

MP Model Fire Act Implementation: दिल्ली में हाल ही में हुए दर्दनाक अग्निकांड से सबक लेते हुए मध्य प्रदेश सरकार राज्य में फायर सेफ्टी और शहरी विकास को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाने जा रही है। प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में उन्होंने 'मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक 2026' और 'मध्यप्रदेश कॉलोनी अधिनियम 2026' के प्रस्तावित प्रावधानों की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की।
मंत्री विजयवर्गीय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आज की बैठक में आए सभी महत्वपूर्ण सुझावों को शामिल करते हुए दोनों विधेयकों में आवश्यक संशोधन किए जाएं और अगले सप्ताह इन्हें दोबारा कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने निर्देश दिए कि मध्य प्रदेश के नए फायर सेफ्टी कानून को भारत सरकार के 'मॉडल एक्ट' के नियमों के अनुरूप ढाला जाए।
मंत्री जी ने कहा कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश में बड़ी इमारतें, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़ी इंडस्ट्रीज आ रही हैं। इसके लिए हमारे पास अत्याधुनिक उपकरण (well equipment), बेहतर तकनीक (well technology) और पूरी तरह प्रशिक्षित मानव संसाधन होने चाहिए, ताकि किसी भी हादसे के वक्त त्वरित कार्रवाई की जा सके।
अब राज्य की सभी बहुमंजिला और व्यावसायिक इमारतों में एग्जिट प्लान (Emergency Exit Plan) और फायर फाइटिंग पाइपलाइन का प्रदर्शन अनिवार्य रूप से करना होगा।
फायर सेफ्टी ऑफिसर और अन्य तकनीकी पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव के कड़े नियम तय किए जाएंगे। इसके लिए अन्य राज्यों के बेहतरीन नियमों का भी अध्ययन किया जा रहा है।
बैठक में राज्य की अग्निशमन सेवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए 'फायर टैक्स' लेने के सुझाव पर भी गंभीरता से चर्चा की गई।
मंत्री ने वर्तमान में नगर निगमों, पालिकाओं और परिषदों में उपलब्ध फायर स्टेशनों और कर्मचारियों की जानकारी ली। उन्होंने अमले को किसी भी आपात स्थिति के लिए सक्षम बनाने हेतु विशेष ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए।
बैठक के दूसरे हिस्से में 'मध्यप्रदेश कॉलोनी अधिनियम 2026' का ड्राफ्ट पेश किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य शहरों के अनियोजित विकास को रोकना और अवैध निर्माण पर लगाम लगाना है।इस नए अधिनियम में कॉलोनी रजिस्ट्रीकरण (Registration), विकास अनुज्ञा (Development Permission), नियमों के उल्लंघन और अनधिकृत, अविकसित व अवैध कॉलोनियों पर की जाने वाली कानूनी कार्रवाई के कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अधिकारियों को हिदायत दी कि, "नियमों का पालन सख्ती से सुनिश्चित किया जाए, लेकिन कार्रवाई करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि किसी भी स्थिति में आम जनता या वहां रहने वाले नागरिकों को कोई परेशानी न हो।"