न्याय के मंदिर में ‘मलबे’ का फैसला! अभी पूरा हुआ था संरक्षण का काम, कोर्ट रूम की छत ने छात्रा को दे दिया ज़ख्म
Nagpur High Court: नागपुर खंडपीठ के 'जी' कोर्ट कक्ष में छत का हिस्सा गिरने से अदालत का कामकाज देखने आई एक छात्रा घायल हो गई। घटना ने न्यायालय भवन की सुरक्षा और हालिया मरम्मत पर सवाल खड़े कर दिए।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर खंडपीठ के 'जी' कोर्ट कक्ष में छत का हिस्सा गिरा(सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Courtroom Incident: बॉम्बे उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ की प्राचीन पत्थर की इमारत के संरक्षण और मरम्मत का काम कुछ दिन पहले ही पूरा हुआ था, लेकिन न्यायालय परिसर की सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाली एक घटना सामने आई। न्यायाधीश प्रवीण पाटिल के ‘जी’ कोर्ट कक्ष की छत का कुछ हिस्सा गिरने से एक छात्रा घायल हो गई, जिससे अदालत परिसर में हड़कंप मच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह छात्रा उच्च न्यायालय के दैनिक कामकाज का अध्ययन करने के लिए आई थी।
दोपहर के समय संबंधित कक्ष आकार में छोटा होने के कारण वहां वकीलों और नागरिकों की भीड़ हो गई थी। इसलिए सुनवाई सुनने के लिए वह दरवाजे के पास खड़ी थी। न्यायालय परिसर में छात्रा के सिर के ऊपर दरवाजे का बीम होने के कारण स्लैब का हिस्सा सीधे उसके ऊपर नहीं गिरा। हालांकि उसके मलबे के कुछ टुकड़े उसके हाथ पर गिरने से वह घायल हो गई और उसके हाथ में गंभीर चोट आने की जानकारी मिली। समाचार लिखे जाने तक उसकी पहचान का पता नहीं चल सका।
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हुआ था उन अभियंताओं का सम्मान
उल्लेखनीय है कि खंडपीठ की ऐतिहासिक पत्थर की इमारत के संरक्षण और मरम्मत का काम हाल ही में पूरा हुआ है। कुछ दिन पहले यह काम पूर्ण करने वाले लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं का पूर्व मुख्य न्यायाधीश के हाथों सम्मान भी किया गया था लेकिन इसके तुरंत बाद ही न्यायालय कक्ष में छत का हिस्सा गिरने से संरक्षण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। घटना के बाद बुधवार को संबंधित कक्ष में कामकाज नहीं हुआ।
