अनुबंध की शर्तें सर्वोपरि, नागपुर हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया अधिकार क्षेत्र का नियम; मुंबई कोर्ट भेजा मामला

Nagpur High Court: नागपुर हाई कोर्ट ने कहा कि निविदा और अनुबंध में जिस न्यायालय का अधिकार क्षेत्र तय किया गया है, विवादों की सुनवाई उसी न्यायालय में होगी। मामले को मुंबई स्थानांतरित करने का आदेश दिया।
Contract terms are paramount; Nagpur High Court clarifies jurisdiction rule and transfers case to Mumbai Court.
नागपुर हाई कोर्ट, अधिकार क्षेत्र,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Nagpur Contract Disputes: नागपुर हाई कोर्ट ने अधिकार क्षेत्र को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि निविदा और अनुबंध की शर्तों में यदि किसी विशेष स्थान के न्यायालय का उल्लेख है, तो विवादों की सुनवाई वहीं होगी। इस फैसले के साथ ही अदालत ने महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड बनाम रामकृष्ण इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के मामले में नागपुर की दीवानी अदालत में दायर मुकदमों को वापस करने का आदेश दिया है, ताकि उन्हें मुंबई के सक्षम न्यायालय में पेश किया जा सके।

यह विवाद याचिकाकर्ता एमएसईडीसीएल और रामकृष्ण इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड तथा पंजाब नेशनल बैंक (प्रतिवादी) के बीच बैंक गारंटी को भुनाने को लेकर है। रामकृष्ण इलेक्ट्रिकल्स ने एमएसईडीसीएल द्वारा बैंक गारंटी भुनाने और भविष्य की निविदाओं में भाग लेने से रोकने वाले संचार को चुनौती देते हुए नागपुर के सीनियर सिविल जज की अदालत में दीवानी मुकदमे दायर किए थे।

निचली अदालत ने खारिज की थी याचिका

एमएसईडीसीएल ने नागरिक प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के आदेश VII नियम 10 के तहत एक आवेदन दायर कर अदालत से कहा था कि इन मुकदमों को वापस कर दिया जाए क्योंकि अनुबंध की शतों के अनुसार इस मामले की सुनवाई का अधिकार केवल मुंबई की अदालतों को है लेकिन 20 दिसंबर 2024 को नागपुर की निचली अदालत ने एमएसईडीसीएल की इस याचिका को खारिज कर दिया था। इस फैसले को एमएसईडीसीएल ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। एमएसईडीसीएल के वकील ने तर्क दिया कि निविदा की शर्तों और परफॉर्मेंस बैंक गारंटी के अनुसार, दोनों पक्षों ने स्पष्ट रूप से सहमति व्यक्त की थी कि कोई भी विवाद केवल मुंबई के न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र में आएगा। इसके अलावा, निविदा मुंबई से जारी की गई थी, बैंक गारंटी का भुगतान मुंबई में होना था और भुगतान व निर्देश भी मुंबई से जारी किए गए थे। इसलिए वाद कारण मुंबई में उत्पन्न होता है।

बैंक गारंटी एक स्वतंत्र अनुबंध

रामकृष्ण इलेक्ट्रिकल्स की ओर से तर्क दिया गया कि बैंक गारंटी एक स्वतंत्र अनुबंध है और इसके क्लॉज-8 में 'केवल' या 'अनन्य' जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसलिए नागपुर की अदालत में भी मामले की सुनवाई हो सकती है। दोनों पक्षों की दलीलों के बाद हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के स्वास्तिक गैसेस प्राइवेट लिमिटेड मामले के फैसले का प्रमुखता से हवाला दिया।

अदालत ने स्पष्ट किया कि अनुबंध में अधिकार क्षेत्र के क्लॉज में 'केवल', 'अकेले' या 'अनन्य' जैसे शब्दों की अनुपस्थिति निर्णायक नहीं है और यह न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को तय करने में कोई भौतिक अंतर नहीं लाती है। अदालत ने कहा कि निविदा और बैंक गारंटी की शर्तों को एक साथ पढ़ा जाना चाहिए। निविदा के क्लॉज 32 में स्पष्ट रूप से 'विशेष अधिकार क्षेत्र' का उल्लेख है। इसलिए नागपुर अदालत का अधिकार क्षेत्र स्वतः समाप्त हो जाता है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com