प्रफुल्ल जोशी, भाजपा (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Election Commission voter roll rules: नागपुर जिले के जलालखेड़ा में ग्रेजुएट चुनाव क्षेत्रों में हर बार नई वोटर लिस्ट बनने के साथ पुराने रजिस्टर्ड ग्रेजुएट वोटर्स से भी दोबारा फॉर्म भरवाए जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वोटर्स का कहना है कि एक बार डिग्री मिलने के बाद शैक्षणिक योग्यता जीवनभर वैध रहती है, तो फिर हर चुनाव में नया रजिस्ट्रेशन क्यों जरूरी किया जाता है?
वोटर्स का मानना है कि नए ग्रेजुएट्स का रजिस्ट्रेशन जरूरी है, लेकिन पहले से पंजीकृत ग्रेजुएट वोटर्स के नाम स्वतः वोटर रोल में बने रहने चाहिए। हर बार फॉर्म भरने की बाध्यता के कारण समय और जानकारी के अभाव में कई पुराने वोटर्स सूची से बाहर हो जाते हैं, जिससे मतदान प्रतिशत घटता है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होती है।
ग्रेजुएट वोटर्स की मांग है कि एक बार रजिस्ट्रेशन के बाद उनके नाम स्थायी रूप से वोटर लिस्ट में रखे जाएं और आवेदन प्रक्रिया केवल नए ग्रेजुएट्स तक सीमित हो। इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से जल्द निर्णय की अपेक्षा की जा रही है।
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ग्रेजुएट वोटर्स शिक्षित, जागरूक और जिम्मेदार मतदाता होते हैं। बढ़ती संख्या को देखते हुए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है। भारतीय जनता पार्टी ने ग्रेजुएट वोटर्स को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान शुरू किया है और पहली बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई है।
– प्रफुल्ल दिनकरराव जोशी, भाजपा, काटोल विधानसभा, ग्रेजुएट कांस्टीट्यूएंसी