अब ड्रोन उड़ाएंगी महिलाएं, फुल ट्रेनिंग देगी मोदी सरकार, ऐसे मिलेगा योजना का लाभ
Nagpur News: नागपुर जिले में चयनित 51 महिला बचत समूहों को 2024-25 से 2025-26 की अवधि में कृषि कार्यों के लिए ड्रोन उपलब्ध कराए जाएंगे। इस योजना के तहत महिलाओं को सुविधा मिलेगी।
- Written By: प्रिया जैस
नमो ड्रोन दीदी योजना (सौजन्य-नवभारत)
Namo Drone Didi Scheme: महिला स्वयंसहायता समूहों (SHGS) को सशक्त बनाने और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का प्रसार करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने डी-वाय-एनआरएलएम² अंतर्गत ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत नागपुर जिले में चयनित 51 महिला बचत समूहों को 2024-25 से 2025-26 की अवधि में कृषि कार्यों के लिए ड्रोन उपलब्ध कराए जाएंगे।
योजना का मुख्य उद्देश्य इन समूहों को किसानों को किराए पर ड्रोन सेवा (खेतों में उर्वरक और कीटनाशक छिड़काव) उपलब्ध कराने में सक्षम बनाना है। 2024-25 में कृषि यंत्रीकरण उप-अभियान के तहत ड्रोन खरीद के लिए महाडीबीटी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन सहायता दी जाएगी। लाभार्थियों को कृषि विभाग की ईएमपी-एनरोलमेंट प्रक्रिया के तहत पंजीकृत ड्रोन उत्पादकों से ही ड्रोन खरीदना अनिवार्य होगा।
ड्रोन की कीमत का 80% केंद्रीय वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी। यह सहायता अधिकतम 8 लाख रुपये तक होगी, जिसमें सामान और अन्य शुल्क भी शामिल हैं। सीएलएफ/ एसएचजीएस को कर्ज पर 3% ब्याज छूट दी जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय की अन्य योजनाओं से भी उन्हें कर्ज प्राप्त करने का विकल्प रहेगा।
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प्रशिक्षण की सुविधा
प्रत्येक महिला समूह से एक सदस्य को 15 दिन का अनिवार्य ड्रोन पायलट प्रशिक्षण तथा उर्वरक एवं कीटनाशक उपयोग का अतिरिक्त प्रशिक्षण दिया जाएगा। समूह के अन्य सदस्य या उनके परिवारजन, जो इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल कामों में रुचि रखते हैं, उन्हें ड्रोन सहायक के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।
क्लस्टर चयन के मानक
- 10-15 गांवों या ग्राम पंचायतों का एक समूह (क्लस्टर)।
- कपास, धान, गन्ना, मिर्च, गेहूं, बागवानी जैसी फसलों के 1,000-1,200 हेक्टेयर क्षेत्र वाला इलाका।
- पहले से सफलतापूर्वक चल रहे कस्टम हायरिंग सेंटर (कृषि औजार बैंक) वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता।
- सक्रिय किसान उत्पादक कंपनियों वाले क्षेत्र।
- अधिक सिंचित क्षेत्र और अधिक मात्रा में उर्वरक-कीटनाशक उपयोग वाले इलाके।
- नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का अधिक उपयोग संभव होने वाले क्षेत्र।
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लाभ और प्रभाव
इस योजना से महिला बचत समूहों को सतत व्यवसाय और आय का स्रोत मिलेगा। किसानों के लिए यह योजना उत्पादन लागत कम करने, फसल उत्पादन बढ़ाने और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर दक्षता सुधारने में मददगार होगी। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक तहसील कृषि अधिकारी, मंडल कृषि अधिकारी और कृषि सहायक से संपर्क कर सकते हैं।
