नागपुर की बदहाली पर कोई सवाल न उठाए नहीं तो… रोहित पवार का तंज, बोले- लगेगा भाड़े के टट्टू का टैग
Rohit Pawar Nagpur Rain Statement: नागपुर में बारिश के बाद जलभराव पर रोहित पवार ने सरकार पर साधा निशाना। फडणवीस के पुराने बयान पर तंज कसते हुए बोले- सवाल पूछने वालों पर लगेगा भाड़े के टट्टू का टैग।
- Written By: गोरक्ष पोफली
राहित पवार और देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Rohit Pawar Attacks Govt: महाराष्ट्र की उपराजधानी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह नगर नागपुर में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम और बुनियादी ढांचे की पोल खोलकर रख दी है।
जहां एक तरफ नागपुर की सड़कें नदियों में तब्दील हो गईं और घरों में पानी घुसने से नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा, वहीं दूसरी ओर इस प्राकृतिक आपदा ने राज्य में एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। एनसीपी शरद चंद्र पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए अपने चिर-परिचित मजाकिया और तीखे अंदाज में हमला बोला है।
महाराष्ट्र की बदनामी नहीं, नागपुर की हकीकत
रोहित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नागपुर में जलभराव का एक वीडियो साझा करते हुए सरकार के उस तर्क पर कड़ा प्रहार किया है, जिसमें अक्सर विपक्ष की आलोचना को महाराष्ट्र की बदनामी बताया जाता है। रोहित पवार ने स्पष्ट रूप से कहा कि नागपुर की यह दयनीय स्थिति दिखाना महाराष्ट्र का अपमान नहीं है, बल्कि यह नागपुर की हकीकत है। उनका इशारा साफ था कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए क्षेत्रीय अस्मिता का सहारा न ले।
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भाड़े के टट्टू वाले बयान पर पलटवार
इस पूरे विवाद में सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया जब रोहित पवार ने देवेंद्र फडणवीस के पिछले बयानों का इस्तेमाल उन्हीं के खिलाफ किया। दरअसल, कुछ समय पहले मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट की आलोचना करने वाले विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए फडणवीस ने उन्हें भाड़े के टट्टू कहा था।
अब नागपुर की बदहाली पर सवाल उठाते हुए रोहित पवार ने तंज कसा कि नागरिकों को अब सरकार से सवाल पूछने से डरना चाहिए। उन्होंने लिखा, कृपया इस बारे में सरकार से कोई सवाल न पूछे, अन्यथा आपके माथे पर भी भाड़े के टट्टू का टैग लग जाएगा। यह सीधा हमला सरकार की उस प्रवृत्ति पर था जहां जायज सवालों को भी राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया जाता है।
ही महाराष्ट्राची बदनामी नाही तर नागपूरची वस्तुस्थिती आहे….!
पण कृपया याबाबत कुणीही सरकारला प्रश्न विचारू नयेत, अन्यथा तुमच्या कपाळावरही ‘भाडे के तट्टे’ असा टॅग लागेल. आता अल निनोच्या पार्श्वभूमीवर नागपूरकरांचे पाण्यावाचून हाल होऊ नयेत म्हणून आम्ही थेट शहरातच नदी आणल्याचा दावा… pic.twitter.com/utcgMamZe3 — Rohit Pawar (@RRPSpeaks) July 28, 2026
अल नीनो और शहर में नदी का कटाक्ष
रोहित पवार यहीं नहीं रुके, उन्होंने सरकार के विकास के दावों पर चुटकी लेते हुए कहा कि अल नीनो के कारण भविष्य में पानी की कमी होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में कहीं सरकार यह दावा न कर दे कि नागपुर के लोगों को पानी की कमी न हो, इसलिए उन्होंने सीधे शहर में ही नदी ला दी है। यह कटाक्ष उन सड़कों के लिए था जो बारिश के पानी से लबालब भरी हुई थीं और किसी नदी की तरह प्रतीत हो रही थीं।
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राजनीतिक गरमाहट और जवाबदेही
नागपुर, जो कि सत्ता का एक प्रमुख केंद्र है, वहां इस तरह की जलभराव की स्थिति ने प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष का आरोप है कि स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद बुनियादी सुविधाएं शून्य हैं। रोहित पवार का यह हमला न केवल नागपुर की स्थिति को दर्शाता है, बल्कि आने वाले चुनावों से पहले सरकार की घेराबंदी करने की रणनीति का भी हिस्सा है।
